भाद्रपद मास 2026: शुरुआत, समापन की सटीक तिथि और इस पवित्र महीने का संपूर्ण धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में प्रत्येक मास किसी न किसी प्रमुख देवता की आराधना और उपासना के लिए समर्पित होता है। श्रावण मास (सावन) की पूर्णिमा के साथ ही भगवान शिव की आराधना का वह पावन महीना समाप्त होता है, और इसके ठीक अगले दिन से भाद्रपद मास (जिसे आम बोलचाल में 'भादो' भी कहा जाता है) की शुरुआत हो जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह वर्ष का छठा महीना होता है, जिसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास माना जाता है।
कब से कब तक रहेगा भाद्रपद मास 2026?
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को समाप्त होगी। इसके अगले दिन यानी 29 अगस्त 2026, शनिवार से भाद्रपद मास का शुभारंभ होगा। इस दिन भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 9 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, जिसके पश्चात द्वितीया तिथि आरंभ हो जाएगी। वहीं, इस पवित्र मास का समापन 26 सितंबर 2026, शनिवार को होगा। इस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रात्रि लगभग 10 बजकर 18 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद आश्विन मास की शुरुआत हो जाएगी।
भादो के महीने में आते हैं कई बड़े त्योहार
सनातन संस्कृति में भाद्रपद मास का विशेष स्थान है, क्योंकि इस पूरे महीने में जगत के पालनहार भगवान श्री कृष्ण, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। भादो माह के दौरान सनातन धर्म के कई सबसे बड़े और प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
श्री कृष्ण जन्माष्टमी
कजरी तीज
गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी)
राधा अष्टमी
अनंत चतुर्दशी
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास में नियमित रूप से पूजा-पाठ, जप-तप, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, अपनी सामर्थ्य और क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को दान देना और सेवा करना इस महीने बेहद फलदायी माना जाता है। उल्लेखनीय है कि भाद्रपद पूर्णिमा के ठीक अगले दिन से ही 'पितृ पक्ष' (श्राद्ध पक्ष) की शुरुआत हो जाती है, जो हमारे पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान का समर्पित काल होता है।