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August 05 2026 02:21 pm

पेट्रोल के दाम में लगी आग: 8 दिन में तीसरी बार बढ़ी कीमतें, कोलकाता में 110 रुपये के पार पहुँचा भाव

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India News Live,Digital Desk :आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार लगातार जारी है। शनिवार, 23 मई को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा कर दिया है। पिछले 8 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। आज हुई बढ़ोतरी के बाद कोलकाता देश के चार प्रमुख मेट्रो शहरों में पेट्रोल-डीजल के मामले में सबसे महंगा शहर बन गया है।

मेट्रो शहरों का हाल: कहाँ क्या है दाम?

ताजा बढ़ोतरी के साथ ही कोलकाता में पेट्रोल ने 110 रुपये का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया है। शहर के पेट्रोल पंपों पर आज पेट्रोल 110.64 रुपये और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। अन्य महानगरों की स्थिति पर नजर डालें तो कीमतें इस प्रकार हैं:

शहरपेट्रोल (प्रति लीटर)डीजल (प्रति लीटर)
कोलकाता110.64 रुपये97.02 रुपये
मुंबई108.49 रुपये95.02 रुपये
चेन्नई105.31 रुपये96.98 रुपये
दिल्ली99.51 रुपये92.49 रुपये

सीएनजी के दामों में भी उछाल

पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ सीएनजी (CNG) के दाम भी बढ़ गए हैं। IGL ने सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलो की वृद्धि की है, जो पिछले 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी है। इस ताजा इजाफे के बाद दिल्ली में सीएनजी 81.09 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है।

तेल कंपनियों का क्या है कहना?

लगातार बढ़ती कीमतों के पीछे तेल कंपनियों का तर्क है कि उन्हें हर दिन भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारत पेट्रोलियम (BPCL) के अनुसार, उन्हें पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर प्रति लीटर भारी घाटा हो रहा है। वहीं, निजी क्षेत्र की कंपनी शेल इंडिया तो पेट्रोल 115 रुपये और डीजल 126 रुपये प्रति लीटर से ऊपर की दर पर बेच रही है। तेल कंपनियों ने हाल ही में दावा किया था कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के चलते प्रति लीटर भारी घाटा झेलना पड़ रहा है, जिसकी भरपाई के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार की सलाह: 'पैनिक बाइंग' से बचें

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। मंत्रालय ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे 'पैनिक बाइंग' (घबराकर एक साथ खरीदारी) से बचें। गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आया है, और चूंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार की गर्मी का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है।