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August 02 2026 09:52 pm

New revelation in Delhi blast case : अल-फलाह यूनिवर्सिटी के इमाम इश्तियाक के घर से मिला विस्फोटक सामान

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India News Live,Digital Desk : दिल्ली धमाके की जांच हर दिन नए मोड़ ले रही है। अब इस मामले में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मस्जिद के इमाम इश्तियाक की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इश्तियाक की पृष्ठभूमि और उसके संपर्कों पर गहराई से पड़ताल जारी है।

नूंह जिले का रहने वाला है इश्तियाक

सूत्रों के मुताबिक, इश्तियाक मूल रूप से हरियाणा के नूंह जिले के सिंगार गांव का निवासी है। करीब दो महीने पहले ही वह अपनी मां से मिलने गांव गया था। बताया जाता है कि वह लगभग 20 साल पहले अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मस्जिद में इमाम नियुक्त हुआ था और तब से वहीं रह रहा था।

किराए पर दिए मकान से मिला अमोनियम नाइट्रेट

फतेहपुर तगा गांव में इश्तियाक ने तीन कमरों का एक छोटा मकान बनवाया था, जिसे उसने किराए पर दे रखा था। इन्हीं में से एक कमरा यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मोहम्मद मुजम्मिल को किराए पर दिया गया था। जांच एजेंसियों को इसी कमरे से अमोनियम नाइट्रेट की बड़ी मात्रा मिली, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया।

विस्फोटक बरामद होने के तुरंत बाद इश्तियाक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वह खुद भी धमाके की साजिश में शामिल था या सिर्फ किराएदार की गतिविधियों से अनजान था।

पारिवारिक और सामाजिक संपर्कों की जांच जारी

इश्तियाक के परिवार के बारे में भी कई जानकारियां सामने आई हैं। उसके चार भाई हैं, जिनमें से दो भाई सिंगार गांव की मस्जिदों में इमाम हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं यह नेटवर्क उससे बड़ा तो नहीं है और क्या इन सभी का आपस में कोई लिंक धमाके की साजिश से जुड़ा हुआ है।

जांच एजेंसियों की नजर में पूरा नेटवर्क

जांच टीम अब इश्तियाक के पुराने कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और यूनिवर्सिटी में उसके संपर्कों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि विस्फोटक सामग्री जिस कमरे से बरामद हुई, वह उसी के मकान का हिस्सा था, जिससे शक और गहराता जा रहा है।