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August 20 2026 04:22 pm

'इकोनॉमिक D-Day' की धमकी पर ईरान का करारा जवाब, कहा- अमेरिका की हर चाल का डटकर करेंगे मुकाबला

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अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने और तेहरान का समर्थन करने वाले देशों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी के बाद, ईरान ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार के अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।

ईरान का पलटवार: अमेरिकी दावों को बताया 'प्रोपेगैंडा'

ईरान के सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसियों ने ट्रंप के इन बड़बोले बयानों और आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा को खारिज करते हुए इसे एक मनोवैज्ञानिक युद्ध करार दिया है। तस्नीम समाचार एजेंसी ने इन कदमों को वॉशिंगटन के पुराने और नाकाम 'अधिकतर दबाव अभियान' का ही एक नया हिस्सा बताया है।

तस्नीम ने कहा कि पहले लगाए गए प्रतिबंध भी ईरान के व्यवहार को बदलने में पूरी तरह विफल रहे हैं, और देश ने विदेशी व्यापार तथा वित्तीय पाबंदियों से निपटने के रास्ते काफी पहले ही तलाश लिए हैं। वहीं, फार्स समाचार एजेंसी ने ट्रंप के दावों को भ्रमपूर्ण बताते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान के जल्द पतन और सैन्य तबाही के दावे बार-बार किए गए हैं, लेकिन इनसे कभी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

डोनाल्ड ट्रंप ने किया था कड़े प्रतिबंधों का ऐलान

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त और बड़ी आर्थिक कार्रवाई की घोषणा करते हुए इसे 'इकोनॉमिक डी-Day' (Economic D-Day) का नाम दिया था। ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान की नौसेना और वायुसेना तबाह हो चुकी हैं, हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां मलबे में बदल चुकी हैं और उनकी करेंसी बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुकी है।

ट्रंप ने दुनिया भर के देशों और वित्तीय संस्थानों को चेतावनी देते हुए कहा था कि जो भी देश अपने बैंकों, कारोबारों या संस्थानों के जरिए ईरान की मदद करेगा, उसे भी गंभीर आर्थिक नतीजे भुगतने होंगे। उन्होंने तेल तस्करी, पैसों के लेनदेन और फर्जी कंपनियों पर तुरंत रोक लगाने की बात कही थी।

क्षेत्रीय तनाव और यूएई के साथ व्यापार पर असर

इस बीच, अमेरिका के साथ जारी इस खींचतान के बीच क्षेत्रीय मोर्चे पर भी हालात काफी गर्माए हुए हैं। ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच हालिया सैन्य तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिसाइल हमलों के घटनाक्रम के बाद यूएई ने ईरान के सामने व्यापारिक रास्ते और ब्लैक मार्केट की गतिविधियों पर शिकंजा कस दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर के व्यापार पर भी भारी असर पड़ा है।