भारत-अमेरिका व्यापार तनाव का असर अब डाक सेवाओं पर
India News Live,Digital Desk : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार विवाद अब डाक सेवाओं तक पहुंच गया है। भारतीय डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) ने अमेरिका के लिए सभी प्रकार की डाक सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह फैसला नए अमेरिकी कार्यकारी आदेश संख्या 14324 के मद्देनजर लिया गया है, जिसमें 800 डॉलर तक के सामान पर शुल्क-मुक्त छूट को समाप्त कर दिया गया है। इस कदम से भारतीय नागरिक अब अमेरिका में रहने वाले अपने रिश्तेदारों या दोस्तों को पत्र, दस्तावेज, पार्सल या उपहार नहीं भेज पाएंगे। यह स्थिति दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक तनाव को साफ तौर पर दर्शाती है।
अमेरिका द्वारा 800 डॉलर तक के सामान पर शुल्क-मुक्त छूट हटाने के अपने नए नियम को रद्द करने के बाद, भारत ने अमेरिका के लिए सभी डाक सेवाएँ बंद कर दी हैं। भारतीय डाक विभाग ने यह फैसला 29 अगस्त से लागू कर दिया है। इसका सीधा सा मतलब है कि अब भारत से अमेरिका पत्र, दस्तावेज़, उपहार या पार्सल नहीं भेजे जा सकेंगे। जिन लोगों ने पहले ही डाक टिकट बुक कर लिया है, उन्हें रिफंड मिलेगा। जब तक दोनों देश सीमा शुल्क और डेटा साझाकरण प्रक्रियाओं पर एक समझौते पर नहीं पहुँच जाते, तब तक इन सेवाओं के बहाल होने की संभावना नहीं है।
30 जुलाई, 2025 को अमेरिकी प्रशासन ने कार्यकारी आदेश संख्या 14324 जारी किया। इस आदेश के तहत, 800 डॉलर तक के सामान पर शुल्क-मुक्त छूट समाप्त कर दी गई है। इस फैसले का मतलब है कि 29 अगस्त से अमेरिका आने वाले हर पार्सल पर नया शुल्क ढांचा लागू होगा। भारतीय डाक विभाग ने इन नए नियमों और भारतीय वाहकों की परिवहन में असमर्थता के कारण एहतियात के तौर पर सभी सेवाएँ निलंबित कर दी हैं। डाक विभाग द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जब तक अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) डेटा विनिमय और शुल्क संग्रह की नई प्रणाली को पूरी तरह से लागू नहीं कर देता, तब तक शिपमेंट भेजना संभव नहीं होगा।
इसका सीधा असर किस पर पड़ेगा ?
इस फैसले का सीधा असर उन भारतीय नागरिकों पर पड़ेगा जो अमेरिका में रहने वाले अपने परिवार, दोस्तों या रिश्तेदारों को पत्र, दस्तावेज़, उपहार या पार्सल भेजते थे। अब उन्हें इस काम के लिए वैकल्पिक और महंगी कूरियर सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ेगा। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ेगा, बल्कि संचार में भी बाधा आएगी।
जिन ग्राहकों ने पहले ही अमेरिका के लिए डाक बुक कर ली है और उसे अभी नहीं भेजा जा सकता, उनके लिए भारतीय डाक विभाग ने रिफंड की घोषणा की है। ग्राहक अपनी बुकिंग की रकम वापस पा सकेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव का नतीजा है। जब तक दोनों देश सीमा शुल्क डेटा साझा करने की प्रक्रिया पर सहमति नहीं बना लेते, तब तक इन सेवाओं के बहाल होने की संभावना कम है। इसलिए, फिलहाल भारत से अमेरिका के लिए किसी भी प्रकार की डाक सेवा भेजना संभव नहीं है।