NEET Protest Controversy: सोनम वांगचुक का अनशन टूटने से लौटेंगे छात्र? आंदोलन में जंतर-मंतर की मांगों से अलग हुए रास्ते
नई दिल्ली । नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती अनशनकारी सोनम वांगचुक और जंतर-मंतर पर डटे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के बीच प्राथमिकताओं और मांगों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। जहां एक तरफ संसद में इस मुद्दे को लेकर गतिरोध के कारण पिछले चार दिनों से कार्यवाही ठप है, वहीं सरकार समाधान निकालने के प्रयास में जुटी हुई है।
मांगों में क्यों दिख रही है दूरी?
सोनम वांगचुक का रुख: वांगचुक ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई न करने और मुआवजे के आश्वासन पर अनशन समाप्त करने का संकेत दिया है। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की शर्त पर थोड़े नरम नजर आ रहे हैं।
CJP और विपक्ष अड़े: वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पुलिस अधिकारियों पर मुकदमे की मांग पर अड़ा हुआ है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह लगातार मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जंतर-मंतर पर डटे छात्र अब भी ठोस समाधान का इंतजार कर रहे हैं।