जैसे बॉर्डर पर BSF है; किरण बेदी ने CJP जैसे आंदोलन के लिए मोदी-शाह को क्या दिया नया 'आइडिया'?
नई दिल्ली । दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी व पुडुचेरी की पूर्व एलजी किरण बेदी ने केंद्र सरकार को एक खास सुझाव दिया है। किरण बेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए छात्र आंदोलनों से निपटने के लिए 'सिविल डिफेंस' (Civil Defence) को पहली रक्षा पंक्ति के रूप में तैनात करने का नया फॉर्मूला पेश किया है।
BSF की तर्ज पर 'सिविल डिफेंस' की पहली ढाल
किरण बेदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह देश की सीमाओं पर सेना से आगे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को तैनात किया जाता है, ठीक उसी तरह प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के सीधे टकराव को रोकने के लिए बिना लाठी-डंडों वाले प्रशिक्षित सिविल डिफेंस कर्मियों को आगे किया जाना चाहिए।
"हाथ में न हो लाठी, सिर्फ केन शील्ड"
बिना हथियार के तैनाती: सिविल डिफेंस के कर्मियों को केवल हेलमेट, बॉडी आर्मर और खुद को बचाने के लिए केन शील्ड दी जाए, लेकिन कोई लाठी-डंडा नहीं।
पुलिस की भूमिका: जब स्थिति सिविल डिफेंस के नियंत्रण से बाहर हो और जान-माल की सुरक्षा की जरूरत पड़े, तभी पुलिस को आगे आना चाहिए ताकि हिंसक टकराव और आरोप-प्रत्यारोप से बचा जा सके।