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August 19 2026 01:46 am

यूपी में एक ही दस्तावेज में मिलेगी गांव-शहर की पूरी तस्वीर, शिक्षा-स्वास्थ्य का होगा डिजिटल लेखा-जोखा

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उत्तर प्रदेश में ग्रामीण और शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आने वाले समय में नागरिकों को एक ही डिजिटल दस्तावेज के भीतर गांव और शहर की पूरी तस्वीर देखने को मिलेगी। आगामी जनगणना-2027 के तहत बांदा जिले में विशेष रूप से 'जिला जनगणना हस्तपुस्तिका' (District Census Handbook - DCHB) तैयार की जा रही है, जिसके माध्यम से हर एक गांव और शहरी क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। इस महत्वपूर्ण डिजिटल पहल से न केवल स्थानीय विकास योजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को भी सटीक आंकड़े आसानी से प्राप्त हो सकेंगे।

बांदा जिले के सभी गांवों और तहसीलों का तैयार हो रहा डिजिटल लेखा-जोखा

बांदा जिले के प्रशासनिक ढांचे के तहत कुल पांच तहसीलें (सदर, पैलानी, बबेरू, अतर्रा और नरैनी) और आठ विकास ब्लॉक (तिंदवारी, बबेरू, बड़ोखर खुर्द, बिसंडा, जसपुरा, कमासिन, महुआ और नरैनी) आते हैं, जिनके अंतर्गत कुल 469 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों और नगरीय निकायों के लिए अलग-अलग डिजिटल हस्तपुस्तिकाएं तैयार की जा रही हैं। इस दस्तावेज में यह स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा कि किस क्षेत्र में कितने विद्यालय हैं, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की मौजूदा स्थिति क्या है, कितने परिवारों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है, सड़क और परिवहन के साधन कितने विकसित हैं तथा बैंक, डाकघर, बिजली, सिंचाई और रोजगार के अवसर किस स्तर पर उपलब्ध हैं।

भविष्य की विकास योजनाओं और नीति निर्माण का बनेगा मुख्य आधार

जिला जनगणना हस्तपुस्तिका को किसी भी जिले का सबसे महत्वपूर्ण और आधिकारिक संदर्भ दस्तावेज माना जाता है। वर्ष 1951 से चली आ रही इस परंपरा को आधुनिक दौर में पूरी तरह डिजिटल रूप दिया जा रहा है, जिससे प्रत्येक गांव और नगर की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और तमाम नागरिक सुविधाओं का प्रामाणिक ब्योरा सुरक्षित रखा जा सके। यह डिजिटल दस्तावेज भविष्य की सरकारी योजनाओं, ग्रामीण और शहरी विकास परियोजनाओं, तथा प्रशासनिक नीतियों के निर्धारण में सबसे बड़ा आधार बनेगा, जिससे उत्तर प्रदेश में जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन बेहद पारदर्शी और प्रभावी हो जाएगा।