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August 07 2026 07:37 pm

टीम इंडिया में वापसी के लिए पसीना बहा रहे हैं मोहम्मद शमी: बचपन के कोच बदरुद्दीन का बड़ा खुलासा, घटाया 5 किलो वजन

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भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी और स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर इन दिनों तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पिछले कुछ समय से चयनकर्ताओं द्वारा नजरअंदाज किए जाने और टीम से बाहर रहने के बावजूद शमी ने हार नहीं मानी है। वह भारतीय टीम में जोरदार वापसी के लिए पर्दे के पीछे बेहद कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनके बचपन के कोच मोहम्मद बदरुद्दीन ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि शमी ने अपनी फिटनेस को सर्वोच्च स्तर पर ले जाने के लिए पिछले घरेलू सीजन के बाद से अपना 5 किलो वजन कम किया है और वे चयनकर्ताओं के कॉल का पूरी शिद्दत से इंतजार कर रहे हैं।

टीम में जगह न मिलने के बावजूद कम नहीं हुआ मोहम्मद शमी का जज्बा

साल 2015 से लेकर 2025 तक भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ रहे मोहम्मद शमी को पिछले कुछ महीनों से लगातार सीरीज में अनदेखा किया जा रहा है और वह टीम से बाहर चल रहे हैं। आगामी सितंबर में 36 साल के होने जा रहे शमी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से ही भारतीय टीम में दोबारा मौका तलाशने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। हालांकि उन्हें लगातार निराशा हाथ लग रही है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन हमेशा से शानदार रहा है। उन्होंने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में महज सात मैचों में 37 विकेट और विजय हजारे ट्रॉफी के सात मैचों में 15 विकेट चटकाकर अपनी उपयोगिता साबित की थी, इसके बावजूद उन्हें अभी तक मुख्य टीम में जगह नहीं मिल पाई है।

कोच मोहम्मद बदरुद्दीन बोले- शमी में अभी काफी क्रिकेट बाकी है

मोहम्मद शमी के बचपन के कोच मोहम्मद बदरुद्दीन ने एक इंटरव्यू में उनके जज्बे के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि शमी का मानसिक मनोबल पूरी तरह सकारात्मक है और वे आगामी घरेलू सीजन में खेलने के लिए बेहद प्रेरित नजर आ रहे हैं। उनके भीतर अभी काफी क्रिकेट बाकी है और यदि देश को उनकी जरूरत है, तो वह पूरी तरह तैयार हैं। कोच ने यह भी कहा कि हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर भारतीय गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई, जबकि वहां की परिस्थितियों में शमी जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज बेहद घातक साबित हो सकते थे। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका जैसी मुश्किल पिचों पर भी अनुभव बहुत मायने रखता है।

चोटों से जूझ रही टीम इंडिया को खल रही है शमी जैसे अनुभवी पेसर की कमी

मौजूदा समय में भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी यूनिट खिलाड़ियों की लगातार चोटों से परेशान चल रही है। हर्षित राणा इंग्लैंड दौरे पर चोटिल हो गए और टी20 विश्व कप से भी बाहर रहे, वहीं स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी चोट के कारण श्रीलंका टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे समय में अनुभवी गेंदबाजों की कमी साफ खल रही है। चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर ने पहले कहा था कि शमी ने घरेलू क्रिकेट तो खेला है लेकिन वह मुख्य रूप से टी20 के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद शमी अपनी फिटनेस और धारदार गेंदबाजी के दम पर एक बार फिर टीम इंडिया की जर्सी पहनने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।