June 27 2026 09:47 am

भारतीय सेना की इंसानियत: 'नमाज के समय नहीं किया हमला', आर्मी चीफ ने साझा किए 'ऑपरेशन सिंदूर' के अनछुए पहलू

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India News Live,Digital Desk : पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' ने न केवल दुश्मनों के हौसले पस्त किए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय सेना की मर्यादा और इंसानियत की मिसाल भी पेश की है। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक हालिया इंटरव्यू में खुलासा किया कि ऑपरेशन के दौरान सेना ने आतंकियों के कैंपों पर हमला करते समय भी धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया।

"सबका मालिक एक": नमाज के वक्त टाल दिए जाते थे हमले

आर्मी चीफ जनरल द्विवेदी ने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना ने संयम और नैतिकता का परिचय दिया। उन्होंने कहा:

इबादत का सम्मान: सेना को जब यह जानकारी मिलती थी कि आतंकी कैंपों में नमाज का समय हो गया है, तो हमले का समय बदल दिया जाता था।

नैतिकता: जनरल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "भले ही हम युद्ध जैसी स्थिति में थे, लेकिन हमारा मानना है कि 'सबका मालिक एक' है। हमने दुश्मनों की इबादत के समय का भी सम्मान किया।"

सटीक निशाना: हमले के लिए समय कुछ भी हो सकता था, लेकिन नमाज के वक्त को छोड़कर ही कार्रवाई की जाती थी।

आधुनिक युद्ध की नई परिभाषा: 'ऑपरेशन सिंदूर' एक केस स्टडी

रण संवाद मंच को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने बताया कि आधुनिक युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। उन्होंने इसके तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर भी चर्चा की:

समन्वित कार्रवाई: 'ऑपरेशन सिंदूर' थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बेहतरीन तालमेल का परिणाम था। इसमें जमीनी खुफिया नेटवर्क के साथ साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) का भी बखूबी इस्तेमाल किया गया।

दुष्प्रचार से मुकाबला: सेना प्रमुख ने बताया कि हमारे प्रयासों का 15 प्रतिशत हिस्सा केवल दुश्मनों के दुष्प्रचार (Propaganda) से निपटने पर केंद्रित था, जिसके लिए विशेष 'मनोवैज्ञानिक रक्षा प्रभाग' बनाया गया।

हाइब्रिड युद्ध की चुनौती: उन्होंने चेताया कि 'ग्रे-जोन' युद्ध (पारंपरिक सैन्य सीमा से नीचे की गतिविधियां) भविष्य की बड़ी चुनौती है, जहां दुश्मन हमारी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करता है।

भविष्य की तैयारी: रुद्र ब्रिगेड और ड्रोन इकाइयां

सेना प्रमुख ने भारतीय सेना में हो रहे संरचनात्मक सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अब सेना 'इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स' (IBGs), रुद्र ब्रिगेड, ड्रोन इकाइयों और साइबर ऑपरेशन नोड्स के माध्यम से खुद को अत्याधुनिक बना रही है। जनरल द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि भविष्य में कमांडरों को सामरिक से लेकर रणनीतिक स्तर तक, हर क्षेत्र की पूरी जानकारी रखनी होगी।