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August 12 2026 09:53 am

पाकिस्तानी सेना मुख्यालय उड़ाने पहुंचा था फिदायीन हमलावर? GHQ गेट के पास ताबड़तोड़ फायरिंग से थर्राया रावलपिंडी, एक सैनिक ढेर

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पाकिस्तानी सेना के सबसे सुरक्षित और अति-संवेदनशील माने जाने वाले जनरल हेडक्वार्टर (GHQ रावलपिंडी) के गेट नंबर-1 पर एक सनसनीखेज हमला हुआ है। एक हथियारों से लैस संदिग्ध फिदायीन हमलावर ने जीएचक्यू के मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सैन्य सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

अचानक हुई इस भारी गोलाबारी और बमबारी की कोशिश से पूरा रावलपिंडी और सैन्य क्षेत्र थर्रा उठा। सेना के संतरी और पैरामिलिट्री जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, इस भीषण मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना का एक जवान मौके पर ही मारा गया, जबकि दो अन्य सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। जवाबी फायरिंग में हमलावर को मार गिराया गया या वह भागने में सफल रहा, इसे लेकर सेना के अंतर-सेवा जनसंपर्क (ISPR) ने अत्यधिक गोपनीयता बना रखी है।

सेना मुख्यालय को उड़ाने की बड़ी साजिश का शक

शुरुआती खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, हमलावर भारी मात्रा में विस्फोटक, हैंड ग्रेनेड और आधुनिक ऑटोमैटिक राइफल लेकर जीएचक्यू के अंदर घुसने की फिराक में था। उसका मुख्य मकसद रावलपिंडी स्थित जीएचक्यू के भीतर पहुंचकर बड़ा आत्मघाती विस्फोट करना और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाना था।

जीएचक्यू गेट के पास हुए इस हमले के तुरंत बाद पूरे रावलपिंडी सैन्य छावनी और राजधानी इस्लामाबाद को पूरी तरह से सील (Lockdown) कर दिया गया है। थल सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के सुरक्षा घेरे को कई गुना कड़ा कर दिया गया है। इलाके में भारी सैन्य बल, बख्तरबंद गाड़ियां और एलीट कमांडो तैनात कर दिए गए हैं तथा आस-पास के सभी मुख्य रास्तों की नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

टीटीपी और बीएलए के बढ़ते दुस्साहस से सहमी पाक सेना

यद्यपि किसी भी प्रमुख आतंकी संगठन ने इस हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी तुरंत नहीं ली है, लेकिन खुफिया एजेंसियों का सीधा शक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) पर जा रहा है।

हाल के महीनों में टीटीपी और बीएलए ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सेना के काफिलों और चेक पोस्टों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया है। लेकिन देश के सबसे सुरक्षित सैन्य मुख्यालय (GHQ) के गेट तक किसी फिदायीन का पहुंच जाना पाकिस्तानी सेना के खुफिया तंत्र और रावलपिंडी के सुरक्षा चक्र में बहुत बड़ी सेंध (Security Breach) को दर्शाता है।

अंदरूनी तख्तापलट और सुरक्षा चक्र के बिखरने की सुगबुगाहट

रावलपिंडी में जीएचक्यू पर हुए इस हमले ने इस्लामाबाद के कूटनीतिक और राजनीतिक हलकों में तहलका मचा दिया है। पाकिस्तान में चरमराती अर्थव्यवस्था, राजनीतिक अस्थिरता और नागरिक विद्रोह के बीच सेना मुख्यालय के मुहाने पर हुई इस फायरिंग ने जनरल आसिम मुनीर के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि टीटीपी या बीएलए जैसे विद्रोही गुट अब रावलपिंडी के जीएचक्यू को सीधे निशाना बनाने की क्षमता हासिल कर चुके हैं, तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान के भीतर गृहयुद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है और सेना का अपने ही घर में नियंत्रण खोता जा रहा है।

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