June 22 2026 11:27 am

घना कोहरा बढ़ा सकता है प्रदूषण की मार, हवा में जम जाएंगे जहरीले कण

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India News Live,Digital Desk : सर्दी के मौसम में जब कोहरा घना होता है, तो इसका असर सिर्फ दृश्यता तक सीमित नहीं रहता। वायु गुणवत्ता पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड और कोहरे के साथ बढ़ने वाली नमी हवा को भारी बना देती है। ऐसे में धूल, धुआं और अन्य प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं उठ पाते और निचले स्तर पर ही जमा हो जाते हैं। यही वजह है कि कोहरे के दिनों में प्रदूषण की परत बन जाती है और एक्यूआइ में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

नमी और ठंडी हवा से बिगड़ती है वायु गुणवत्ता

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक विज्ञानी राममिलन वर्मा के अनुसार, घना कोहरा और स्थिर ठंडी हवा मिलकर प्रदूषण कणों को वातावरण में फंसा देती है। नमी बढ़ने पर धूल और धुएं के सूक्ष्म कण आपस में चिपक जाते हैं, जिससे हवा और ज्यादा प्रदूषित हो जाती है। इसका असर सीधे वायु गुणवत्ता सूचकांक पर पड़ता है।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से निर्माण स्थलों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। इसके साथ ही खुले में कूड़ा-कचरा जलाने पर सख्ती से रोक लगाई गई है, ताकि प्रदूषण के स्रोत कम किए जा सकें।

सेहत पर भी पड़ता है असर, सावधानी जरूरी

जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीके सुमन बताते हैं कि जब एक्यूआइ बढ़ता है, तो इसका असर सबसे पहले सांस से जुड़ी समस्याओं के रूप में सामने आता है। खांसी, जुकाम, गले में जलन, सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं।

डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह और शाम के समय, जब कोहरा और प्रदूषण ज्यादा होता है, अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर ठंडी और प्रदूषित हवा से दूर रखें। जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद हो सकता है।