यमुना की लहरों पर बेटियों का हौसला, प्रयागराज में शुरू हुई यूपी की पहली महिला कयाकिंग लीग
India News Live,Digital Desk : प्रयागराज की संगम नगरी शनिवार को एक खास खेल आयोजन की गवाह बनी। उत्तर प्रदेश की पहली महिला कयाकिंग-कैनोइंग ‘अस्मिता लीग’ की शुरुआत यमुना नदी में हुई, जहां प्रदेश भर से आईं बेटियों ने पानी की लहरों पर अपना दमखम दिखाना शुरू किया। प्रतियोगिता का उद्घाटन महापौर गणेश केसरवानी ने गुब्बारे उड़ाकर किया, इसके बाद मार्चपास्ट हुआ और खिलाड़ी सीधे यमुना में उतरीं।
बोट क्लब बना महिला जल क्रीड़ाओं का केंद्र
यह प्रतियोगिता प्रयागराज के बोट क्लब पर आयोजित की जा रही है। खास बात यह है कि यह लीग पूरी तरह महिलाओं के लिए है और उत्तर प्रदेश में अपनी तरह का पहला आयोजन है। इसका उद्देश्य महिलाओं को जल आधारित खेलों से जोड़ना और उनमें आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है।
चार वर्गों में दिखेगा महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन
लीग की शुरुआत के-1 और के-2 स्पर्धाओं से हुई। इसके साथ ही के-4 श्रेणी की प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। कुल 50 चयनित महिला खिलाड़ी इस लीग में हिस्सा ले रही हैं, जो प्रयागराज के अलावा बिजनौर, कानपुर, जालौन और वाराणसी जैसे जिलों से आई हैं। सभी खिलाड़ियों ने पहले से अभ्यास कर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है।
जल खेलों को आगे बढ़ाने की पहल
उत्तर प्रदेश कयाकिंग एवं कैनोइंग संघ के सचिव त्रिभुवन निषाद के अनुसार यह आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय कयाकिंग-कैनोइंग संघ के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है। महिलाओं के लिए अलग से इस तरह की लीग शुरू करने का मकसद यह दिखाना है कि जल क्रीड़ाएं भी बेटियों के लिए बराबर अवसर देती हैं।
सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा इंतजाम
प्रयागराज में यमुना नदी इस तरह के आयोजनों के लिए स्वाभाविक मंच प्रदान करती है। बोट क्लब पर खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण, प्रशिक्षित कोच और मेडिकल टीम तैनात की गई है, ताकि प्रतियोगिता सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से हो सके।
‘अस्मिता’ नाम में छिपा आत्मविश्वास
इस लीग को ‘अस्मिता’ नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह महिलाओं की पहचान और आत्मसम्मान को दर्शाता है। हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश में जल क्रीड़ाओं में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। प्रयागराज की कई खिलाड़ी पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। हाल ही में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में नंदिनी ने कयाकिंग में सिल्वर मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया था।
दर्शकों के लिए भी खास व्यवस्था
प्रतियोगिता में अलग-अलग दूरी की रेस होंगी, जहां खिलाड़ी अपनी गति, संतुलन और तकनीक का प्रदर्शन करेंगी। दर्शकों के लिए यमुना तट पर बैठकर मुकाबले देखने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे इस रोमांचक खेल का आनंद ले सकें।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम
आयोजकों का मानना है कि यह लीग सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सरकार और खेल मंत्रालय की पहल से जल क्रीड़ाओं में निवेश बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे और आयोजन देखने को मिलेंगे। यमुना की लहरों पर बेटियों का आत्मविश्वास निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगा।