BREAKING:
May 14 2026 09:51 pm

UP Cabinet : टीम योगी के विस्तार की उल्टी गिनती शुरू,7 मई के बाद कभी भी शपथ ग्रहण

Post

India News Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल और असम सहित पांच राज्यों के चुनावी समर के खत्म होते ही अब भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश पर टिक गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है। दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद माना जा रहा है कि 7 मई के बाद किसी भी दिन राजभवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।

'PDA' की काट और 'नारी शक्ति' पर फोकस

आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस विस्तार में भाजपा का मुख्य फोकस 'सामाजिक' और 'क्षेत्रीय' संतुलन साधने पर है। विपक्षी गठबंधन के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट के लिए भाजपा इस बार पिछड़ों और दलितों को मंत्रिमंडल में विशेष तरजीह देने जा रही है। साथ ही, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के संदेश को जमीन पर उतारने के लिए महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी।

इन चेहरों को मिल सकती है टीम योगी में जगह

मंत्रिमंडल विस्तार की सूची लगभग फाइनल मानी जा रही है। रेस में ये नाम सबसे आगे हैं:

कृष्णा पासवान (फतेहपुर): तीन बार की विधायक कृष्णा पासवान को मंत्री बनाकर भाजपा महिला और दलित (पासी) दोनों कोटे को साधना चाहती है।

सुरेंद्र दिलेर (अलीगढ़): अनूप प्रधान वाल्मीकि के सांसद बनने के बाद रिक्त हुए 'वाल्मीकि' चेहरे की जगह सुरेंद्र दिलेर की लॉटरी खुल सकती है।

मनोज पांडेय (रायबरेली): सपा छोड़कर भाजपा में आए मनोज पांडेय को ब्राह्मण कोटे से जगह मिलना लगभग तय माना जा रहा है।

भूपेंद्र सिंह चौधरी: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष का नाम ओबीसी कोटे से कैबिनेट में शामिल होने के लिए सबसे मजबूत है।

ब्राह्मण व क्षत्रिय चेहरे: श्रीकांत शर्मा, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह और संतोष सिंह के नामों पर भी गंभीरता से मंथन चल रहा है।

आशा मौर्य व हंसराज विश्वकर्मा: महमूदाबाद की विधायक आशा मौर्य और वाराणसी से हंसराज विश्वकर्मा के नाम भी चर्चाओं में बने हुए हैं।

मंत्रियों में 'बेचैनी': कुछ का पद हटेगा, कइयों का घटेगा

विस्तार की खबरों के बीच वर्तमान मंत्रियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि 'परफॉर्मेंस' और 'उम्र' के आधार पर कुछ पुराने मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है, जबकि कुछ के विभागों का वजन कम किया जा सकता है।

संघ की शरण: कुर्सी बचाने की जुगत में कई मंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।

बजट निपटाने की होड़: विभाग बदलने की आहट के बीच कुछ मंत्री तेजी से अपने विभागों का बजट निपटाने और फाइलों को क्लियर करने में जुटे हैं।

दिल्ली में हुई अंतिम मशक्कत

बिहार में 7 मई को विस्तार और बंगाल में 9 मई को नई सरकार के गठन की चर्चाओं के बीच यूपी के लिए भी तारीख का इंतजार है। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सूची पर कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। अब बस औपचारिक ऐलान और राजभवन से निमंत्रण का इंतजार है।