प्राइमरी स्कूल होंगे 'सौर ऊर्जा' से रोशन पीएम सूर्य घर योजना में शामिल होंगे उत्तर प्रदेश के विद्यालय
India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की सूरत जल्द ही बदलने वाली है। योगी सरकार की नई योजना के तहत प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों को 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों को आत्मनिर्भर बनाना और स्मार्ट क्लासों के संचालन को निर्बाध गति देना है।
स्मार्ट क्लासों को लगेंगे 'पंख', अंधेरे से मिलेगी मुक्ति
अक्सर बिजली कटौती या बिल भुगतान की समस्याओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पंखे और लाइटें नहीं चल पाती थीं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुरोध पर अब राज्य सरकार केंद्र को पत्र भेजने जा रही है ताकि स्कूलों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा सकें।
आत्मनिर्भर स्कूल: सोलर पैनल लगने से स्कूलों में एलईडी रोशनी और पंखे गर्मियों में भी बिना रुकावट चलेंगे।
मुफ्त बिजली: इस योजना के तहत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का प्रावधान है, जिसका लाभ अब शिक्षण संस्थानों को भी मिल सकेगा।
अब पोस्टपेड की तरह काम करेंगे प्रीपेड मीटर
बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक और बड़ी राहत की खबर है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब सभी प्रीपेड मीटर, पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के रूप में कार्य करेंगे। उपभोक्ताओं की समस्याओं और जबरन प्रीपेड व्यवस्था के विरोध को देखते हुए यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।
नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु:
बिलिंग साइकिल: उपभोक्ताओं को अब महीने के अंत में खपत का पूरा बिल एसएमएस और व्हाट्सएप पर मिलेगा।
भुगतान का समय: हर महीने की 10 तारीख तक बिल मिल जाएगा और भुगतान के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय (25 तारीख तक) दिया जाएगा।
किस्तों में भुगतान: बकाया बिलों के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को 10 किस्तों की बड़ी राहत दी गई है।
सिक्योरिटी मनी: जिन उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी मनी पहले वापस कर दी गई थी, उनसे अब नई व्यवस्था के तहत सिक्योरिटी एकमुश्त न लेकर चार किस्तों में ली जाएगी।
पारदर्शिता और त्वरित समाधान
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिलिंग प्रक्रिया को अब सरल और पारदर्शी बनाया गया है। उपभोक्ता 1912 पोर्टल या चैटबॉट्स के जरिए अपनी संयोजन संख्या (Consumer Number) बताकर बिल प्राप्त कर सकते हैं और शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। जिन लोगों के मोबाइल नंबर बदल गए हैं, उन्हें विभाग के डेटाबेस में अपना नंबर अपडेट कराने की सलाह दी गई है।
इस दोहरे फैसले से जहाँ प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं सौर ऊर्जा के जरिए शिक्षा का बुनियादी ढांचा भी मजबूत होगा।