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August 08 2026 08:18 pm

धूत ट्रांसमिशन आईपीओ ने बाजार में मचाया धमाल: 250 रुपये पहुंचा जीएमपी, 10 अगस्त से खुलेगा निवेश का मौका

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भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसी कड़ी में निवेशकों के लिए एक और बड़ा मौका सामने आया है। ग्रे मार्केट में इस समय धूत ट्रांसमिशन आईपीओ (Dhoot Transmission IPO) की धूम मची हुई है और यह अपने मजबूत प्रदर्शन के चलते निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मुख्य बाजार में आने वाले इस धमाकेदार मेनबोर्ड आईपीओ का कुल साइज 3066.89 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने आम निवेशकों के लिए इस आईपीओ को 10 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक खुला रखने का ऐलान किया है, जिससे निवेशकों के पास बोली लगाने का पूरा मौका होगा।

एंकर निवेशकों से जुटाए गए 918 करोड़ रुपये और प्राइस बैंड की डिटेल

आईपीओ के आधिकारिक तौर पर खुलने से पहले ही कंपनी ने बड़े निवेशकों के बीच अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है। यह आईपीओ शुक्रवार को एंकर निवेशकों (Anchor Investors) के लिए खुला था, जहां कंपनी ने शानदार सफलता हासिल करते हुए कुल 72 निवेशकों के जरिए 918 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। एंकर निवेशकों को कंपनी ने 871 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से शेयर आवंटित किए हैं। कंपनी द्वारा तय किए गए प्राइस बैंड की बात करें तो इसे 829 रुपये से 871 रुपये प्रति शेयर के बीच रखा गया है। निवेशकों के लिए 17 शेयरों का एक लॉट साइज बनाया गया है, जिसका मतलब है कि खुदरा निवेशकों को कम से कम 14,807 रुपये का दांव लगाना होगा।

ग्रे मार्केट में जबरदस्त उछाल और शानदार लिस्टिंग गेन के संकेत

धूत ट्रांसमिशन आईपीओ की ग्रे मार्केट (GMP) में स्थिति बेहद मजबूत और उत्साहजनक बनी हुई है। वर्तमान में यह आईपीओ ग्रे मार्केट में 250 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है, जो निवेशकों के लिए लगभग 28.70 प्रतिशत के शानदार लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है। इससे पहले 6 अगस्त को यह जीएमपी अपने उच्चतम स्तर पर 259 रुपये तक पहुंच गया था। इस आईपीओ के तहत कंपनी 1.61 करोड़ फ्रेश शेयर जारी करेगी, जबकि ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 1666.89 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जा रहे हैं, जिसमें बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स XV लिमिटेड और मंगलम् कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

रिजर्वेशन कोटा और आईपीओ से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल

इस मेनबोर्ड आईपीओ में निवेशकों के अलग-अलग वर्गों के लिए शानदार कोटा तय किया गया है। क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है, जबकि छोटे और रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित है ताकि अधिक से अधिक आम निवेशक इसका लाभ उठा सकें। इसके अलावा, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित है। कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल बेहद सुनियोजित तरीके से करेगी, जिसमें से 464 करोड़ रुपये का उपयोग मौजूदा कर्ज चुकाने, 301 करोड़ रुपये सब्सिडियरी कंपनियों में निवेश करने और 150 करोड़ रुपये हरियाणा तथा तमिलनाडु में नई विनिर्माण फैक्ट्री स्थापित करने में किया जाएगा।