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July 25 2026 09:05 am

सीएम सिद्दारमैया का आरोप – केंद्र कर्नाटक से कर रहा सौतेला व्यवहार, हिंदी थोपने की कोशिश

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India News Live,Digital Desk : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने राज्योत्सव दिवस पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र कर्नाटक के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है और कन्नड़ भाषा की अनदेखी करते हुए हिंदी को थोपने की कोशिश की जा रही है।

राज्योत्सव के मौके पर बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए सिद्दारमैया ने कहा,

“कर्नाटक हर साल 4.5 लाख करोड़ रुपये का राजस्व देता है, लेकिन इसके बदले हमें बहुत कम हिस्सा मिलता है। यह हमारे राज्य के साथ अन्याय है।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि हिंदी और संस्कृत के विकास के लिए अनुदान तो दिया जाता है, लेकिन देश की अन्य भाषाओं — खासकर कन्नड़ — के लिए पर्याप्त फंड नहीं दिया जा रहा है।

कन्नड़ के साथ हो रहा अन्याय: सिद्दारमैया

मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्नड़ एक शास्त्रीय भाषा है, जिसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद गहरा है, फिर भी इसके विकास के लिए आवश्यक धनराशि नहीं दी जा रही। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो लोग कन्नड़ भाषा का विरोध करते हैं, उनका शांतिपूर्ण विरोध किया जाए।

उन्होंने कहा, “कन्नड़ सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान है। इसकी उपेक्षा करना हमारे अस्तित्व को नज़रअंदाज़ करने जैसा है।”

शिक्षा में मातृभाषा का महत्व

सिद्दारमैया ने कहा कि विकसित देशों में बच्चे अपनी मातृभाषा में सोचते और सीखते हैं, जिससे उनकी रचनात्मकता और समझने की क्षमता बढ़ती है। लेकिन भारत में अंग्रेज़ी और हिंदी का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि बच्चे अपनी भाषा में सोच ही नहीं पाते।

उन्होंने सुझाव दिया कि मातृभाषा को शिक्षण का मुख्य माध्यम बनाने के लिए कानून लाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ी रहें।

सीएम ने कहा कि केंद्र को सभी भारतीय भाषाओं के साथ समान व्यवहार करना चाहिए, तभी सांस्कृतिक एकता और भाषाई विविधता की सच्ची भावना मजबूत होगी।