'हम दुनिया में कहीं भी 20 विकेट ले सकते हैं', अफगानिस्तान को रौंदने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भरी हुंकार

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नई दिल्ली। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लनपुर मैदान पर अफगानिस्तान को एक पारी और 300 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त देने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल के हौसले सातवें आसमान पर हैं। रोहित शर्मा के बाद टेस्ट टीम की कमान संभाल रहे गिल की अगुवाई में भारत ने रनों और पारी के लिहाज से अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है।

इस ऐतिहासिक मुकाबले की समाप्ति के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन (पुरस्कार समारोह) में कप्तान शुभमन गिल का सीना गर्व से चौड़ा नजर आया। उन्होंने टीम के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की और साफ शब्दों में दुनिया को चेतावनी दे दी कि इस नई भारतीय टीम के पास किसी भी परिस्थिति में मैच जीतने का माद्दा है। आइए जानते हैं कप्तान गिल ने जीत, फॉलोऑन की रणनीति और टीम के भविष्य को लेकर क्या-क्या बड़े बयान दिए।

'हमने हर बॉक्स को टिक किया, यह एक संपूर्ण जीत है'

मैच के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए शुभमन गिल ने कहा, "एक कप्तान के तौर पर मैं टीम के इस शानदार प्रदर्शन से बेहद संतुष्ट और खुश हूं। मुझे लगता है कि यह हमारी तरफ से एक संपूर्ण जीत (Complete Win) रही। हमने खेल के हर विभाग— बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में बेहतरीन खेल दिखाया। हमने योजना के मुताबिक सारे बॉक्सेस टिक किए हैं।"

फॉलोऑन देने के फैसले पर गिल ने खोला राज: गर्मी बनी थी बड़ी चुनौती

चंडीगढ़ की भीषण और चिलचिलाती गर्मी के बीच अफगानिस्तान को पहली पारी में 152 रनों पर समेटने के बाद तुरंत फॉलोऑन देने के फैसले पर गिल ने रणनीति का खुलासा किया।

गिल ने बताया, "मैदान पर बहुत ज्यादा गर्मी थी। हमारी रणनीति साफ थी कि अगर हम लंच से पहले या पहले ड्रिंक्स ब्रेक के तुरंत बाद अफगानिस्तान के विकेट चटका लेते हैं, तो हम अपने गेंदबाजों की फिटनेस और ताजगी को परखेंगे। अगर हमारे गेंदबाज फ्रेश महसूस करेंगे, तो हम विपक्षी टीम को तुरंत फॉलोऑन खेलने के लिए बुलाएंगे। अगर ऐसा नहीं होता, तो हम खुद कुछ ओवर बल्लेबाजी करते और दिन के आखिरी सत्र में उन्हें दोबारा खेलने का मौका देते। लेकिन हमें उम्मीद से जल्दी विकेट मिल गए और गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। फॉलोऑन के बाद मोहम्मद सिराज ने हमें वह शुरुआती अहम विकेट दिलाया और प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 महत्वपूर्ण विकेट लेकर काम आसान कर दिया।"

भारतीय स्पिन तिकड़ी की क्वालिटी पर कभी शक नहीं था

जब कप्तान से डेब्यू स्टार मानव सुथार, वाशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव की स्पिन तिकड़ी के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मानव, वाशी और कुलदीप के पास जिस तरह का टैलेंट और क्वालिटी है, उस पर मुझे कभी कोई संदेह नहीं था। टेस्ट क्रिकेट में सब कुछ अनुभव प्राप्त करने और ज्यादा से ज्यादा ओवर फेंकने का है। इस सपाट विकेट पर उन्होंने बखूबी सीखा कि बल्लेबाज को कैसे सेट किया जाता है, गेंद की गति में कैसे बदलाव किया जाता है और बल्लेबाज को अलग-अलग कोणों से कैसे परखा जाता है।"

"सिंपल है फॉर्मूला— बोर्ड पर रन लगाओ, गेंदबाज दिलाएंगे 20 विकेट"

भारतीय टीम इस समय बदलाव (Transition Phase) के दौर से गुजर रही है। ऐसे में टीम और कप्तानी को आगे ले जाने के सवाल पर गिल ने बेहद आक्रामक और सीधा जवाब दिया।

गिल ने हुंकार भरते हुए कहा, "मेरा जवाब बहुत सीधा और सरल है। परिस्थितियां कैसी भी हों और हम दुनिया के किसी भी कोने में खेल रहे हों, जब हम पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरें तो हमारा लक्ष्य हर हाल में बोर्ड पर 350 से 400 रन टांगने का होना चाहिए। मुझे अपने गेंदबाजी आक्रमण पर इतना अटूट भरोसा है कि हम किसी भी देश में, किसी भी पिच पर विरोधी टीम के 20 विकेट चटका सकते हैं।"

बदलाव के दौर में बल्लेबाजी ग्रुप पर होता है अधिक दबाव

युवा कप्तान ने आगे स्वीकार किया कि जब भी टीम बदलाव के दौर से गुजरती है, तो बल्लेबाजी ग्रुप पर थोड़ा अधिक दबाव होता है क्योंकि युवा खिलाड़ी अभी अनुभव हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम एक बल्लेबाजी इकाई के रूप में लगातार सीख रहे हैं। हम विभिन्न परिस्थितियों में खुद को परख रहे हैं ताकि यह जान सकें कि हमारे लिए किस तरह का गेम प्लान सबसे ज्यादा कारगर साबित होगा और हम कैसे हर मैच में नियमित रूप से 350-400 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं।”