Women's World Cup: "जेमिमा की पारी देख लगा, विश्व कप हमारा ही है", ऑस्ट्रेलिया को धूल चटाने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान

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नई दिल्ली। आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का आत्मविश्वास इस समय सातवें आसमान पर है। 339 रनों के पहाड़ जैसे और नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने जो ऐतिहासिक जीत दर्ज की, उसकी गूंज पूरे क्रिकेट जगत में है।

इस महाविजय के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और मैच की स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने जियोस्टार के विशेष कार्यक्रम 'अनस्टॉपेबल' में शिरकत की। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों ने न केवल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली जीत की रणनीतियों पर बात की, बल्कि ड्रेसिंग रूम और मैदान के अंदर चल रही भावनाओं को भी खुलकर साझा किया।

"भले ही हम द्विपक्षीय सीरीज हारे, लेकिन वहीं से मिला असली हौसला"

कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बताया कि विश्व कप से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज टीम के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई। हरमनप्रीत ने कहा:

"विश्व कप से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया के साथ खेलने का हमारा सबसे बड़ा कारण यही था कि हम जानते थे कि खिताब जीतने के लिए हमें किसी न किसी मोड़ पर (चाहे सेमीफाइनल हो या फाइनल) उनका सामना करना ही पड़ेगा। भले ही हम वह द्विपक्षीय श्रृंखला हार गए थे, लेकिन उसने हमें यह विश्वास दिलाया कि हम ऑस्ट्रेलिया से ज्यादा पीछे नहीं हैं। अंतर बहुत छोटा था। हमें बस महत्वपूर्ण क्षणों में थोड़े और प्रयास, बेहतर शॉट चयन, कसी हुई डेथ ओवर गेंदबाजी और चुस्त फील्डिंग की जरूरत थी। यही भरोसा विश्व कप में हमारा संबल बना।"

जेमिमा की 127 रनों की पारी पर गद्गद हुईं कप्तान हरमन

सेमीफाइनल में जेमिमा रोड्रिग्स द्वारा खेली गई 127 रनों की शतकीय पारी की तारीफ करते हुए कप्तान हरमनप्रीत कौर भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, "जेमिमा ने अपने करियर की अब तक की सबसे सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक खेली है। छोटे से ब्रेक के बाद जब खिलाड़ी मैदान पर लौटते हैं, तो वे एक नई ऊर्जा के साथ आते हैं। जेमिमा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ करो या मरो वाले मैच में भी शानदार प्रदर्शन किया था और उसी लय को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी बरकरार रखा। उनकी बल्लेबाजी में गजब का आत्मविश्वास और स्पष्टता थी। उन्होंने आक्रमण के लिए सही गेंदों को चुना और स्ट्राइक रोटेट की। उनकी इस पारी ने पूरी टीम में ऐसा आत्मविश्वास जगाया कि हमें लगने लगा कि यह विश्व कप अब हमारा ही है।"

"एलिसे पेरी की बल्लेबाजी देख लगा कि वे 400 रन बना देंगी" - जेमिमा रोड्रिग्स

शो के दौरान जेमिमा रोड्रिग्स ने भी कंगारू टीम की बल्लेबाजी के दौरान अपने डर और रणनीति का खुलासा किया। जेमिमा ने कहा, "ऑस्ट्रेलियाई टीम सेमीफाइनल में बेहद आक्रामक इरादे से उतरी थी। फीबी लिचफील्ड और एलिसे पेरी जिस तरह से हर गेंद पर बाउंड्री मार रही थीं, उसे देखकर डगआउट में मुझे एक पल के लिए लगा कि हम यह मैच हार गए हैं और ऑस्ट्रेलिया आराम से 400 का आंकड़ा छू लेगी। लेकिन हमारे गेंदबाजों ने आखिरी के 10 ओवरों में कमाल की वापसी की और उन्हें 338 रनों पर ही रोक दिया।"

जेमिमा ने आगे एक दिलचस्प वाकया साझा करते हुए कहा, "जब मैं और ऋचा घोष डगआउट से वापस आ रहे थे, तो मैंने ऋचा से कहा कि ऑस्ट्रेलिया अपनी शुरुआत के हिसाब से कम से कम 20 रन कम बना पाई है। डी वाई पाटिल स्टेडियम की पिच को देखते हुए कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं था और हमें पता था कि हम इसे हासिल कर सकते हैं।"

जब थक चुकी थीं जेमिमा, तब दीप्ति शर्मा ने संभाला मोर्चा

अपनी पारी के अंतिम क्षणों और दबाव के बारे में बात करते हुए जेमिमा ने बताया, “जब हरमन दीदी आउट हुईं और दीप्ति शर्मा क्रीज पर आईं, तो मैं शारीरिक रूप से बेहद थक चुकी थी। मैंने दीप्ति से जाकर कहा कि 'मैं बहुत थक गई हूं और अब बड़े शॉट्स के लिए ज्यादा ताकत नहीं लगा पा रही हूं, प्लीज मुझसे लगातार बात करती रहना।' इस पर दीप्ति ने बेहद परिपक्वता दिखाई और कहा— 'जेमी, तुम चिंता मत करो, तुम बहुत बेहतरीन खेल रही हो। तुम बस अंत तक एक छोर संभाले रखो, बड़े शॉट्स खेलने का जोखिम अब मैं उठाऊंगी।' दीप्ति के इस भरोसे ने मैच को हमारे पक्ष में ला खड़ा किया।”