श्रीलंका ए को धूल चटाकर भारत ए ने मारी बाजी, रुतुराज-तिलक के तूफान में उड़े लंकाई शेर, ये रहे जीत के 5 असली हीरो
Dambulla (Sports Desk): भारत, अफगानिस्तान और श्रीलंका की 'ए' टीमों के बीच खेली जा रही ट्राई-नेशन सीरीज का आगाज बेहद रोमांचक अंदाज में हुआ है। दांबुला के रंगिरी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए पहले ही मुकाबले में भारतीय 'ए' टीम ने श्रीलंका 'ए' को 8 रनों से शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपनी धमाकेदार शुरुआत की है। भले ही इस मैच में युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी का बल्ला नहीं चला, लेकिन रुतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा की जुगलबंदी ने लंकाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ कर रख दी।
भारतीय कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। पहले बैटिंग करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 277 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में 278 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका 'ए' की टीम भारतीय गेंदबाजों के सटीक निशाने के सामने टिक नहीं सकी और 48.5 ओवरों में 269 रनों पर पूरी तरह सिमट गई। आइए जानते हैं टीम इंडिया की इस सनसनीखेज जीत के वो 5 बड़े नायक कौन रहे, जिन्होंने मैच का पासा पलट दिया।
रुतुराज गायकवाड़: संकटमोचक बनकर जड़ा धमाकेदार शतक
इस मुकाबले में भारतीय टीम की जीत के सबसे बड़े महानायक रुतुराज गायकवाड़ साबित हुए। जब भारतीय टीम ने महज 69 रनों के स्कोर पर अपने 3 शुरुआती शीर्ष बल्लेबाजों को खो दिया था, तब रुतुराज ने क्रीज पर कदम रखा। उन्होंने बेहद सूझबूझ और जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए कप्तान तिलक वर्मा के साथ मिलकर 150 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की। रुतुराज ने 114 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 101 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली।
कप्तान तिलक वर्मा: मोर्चे से संभाली कप्तानी पारी
जीत के दूसरे सबसे बड़े हीरो रहे कप्तान तिलक वर्मा। तिलक ने न केवल रुतुराज गायकवाड़ के साथ मिलकर संकट के समय 150 रनों की पार्टनरशिप की, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में खुद संयम बनाए रखा। उन्होंने 97 गेंदों में 2 चौके और 1 छक्के की बदौलत 60 रनों की कप्तानी पारी खेली। उनकी इसी पारी के दम पर टीम इंडिया एक सम्मानजनक और चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने में कामयाब हो सकी।
आयुष बडोनी, सुयांश शेडगे और प्रियांश आर्या: छोटे कैमियो से किया बड़ा धमाका
मैच के तीसरे सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट रहे ये तीन युवा खिलाड़ी, जिन्होंने अंत में आकर छोटे-छोटे लेकिन बेहद असरदार कैमियो खेले। प्रियांश आर्या ने 32 रन, सुयांश शेडगे ने 26 रन और आयुष बडोनी ने 24 रनों की तेज तर्रार पारियां खेलकर टीम के स्कोर को 277 तक पहुंचाया। इतना ही नहीं, आयुष बडोनी ने गेंदबाजी में भी अपना जलवा बिखेरते हुए श्रीलंका के दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।
अनुकूल रॉय और अर्शद खान: कसी हुई गेंदबाजी से श्रीलंका को घुटनों पर लाया
चौथे हीरो के रूप में भारत के दो प्रमुख गेंदबाजों- अनुकूल रॉय और अर्शद खान ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई। स्पिनर अनुकूल रॉय ने अपने 10 ओवर के कोटे में बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए 49 रन दिए और 2 विकेट झटके। वहीं तेज गेंदबाज अर्शद खान ने सिर्फ 4.5 ओवरों में 24 रन खर्च करके श्रीलंका के 2 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया और मैच भारत की झोली में डाल दिया। हालांकि अंशुल कंबोज को भी एक विकेट मिला, लेकिन वे थोड़े महंगे साबित हुए।
विप्रज निगम: मिडिल ओवर्स में चटकाए दो अहम विकेट
इस रोमांचक जीत के पांचवें हीरो लेग स्पिनर विप्रज निगम रहे। विप्रज ने बीच के ओवरों में श्रीलंका के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्होंने अपने 8 ओवर के स्पेल में 46 रन देकर 2 सबसे महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। विप्रज की इस कसी हुई गेंदबाजी की बदौलत ही श्रीलंकाई टीम आखिरी ओवरों में लक्ष्य से दूर रह गई और 269 रनों पर ऑलआउट हो गई।