आखिर किसने दिया खाड़ी देशों को 'मध्य पूर्व' नाम? सुल्तान या राजा नहीं, एक अमेरिकी फौजी की जिद से मशहूर हुआ यह शब्द
India News Live,Digital Desk : आज जब ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध के बादलों ने पूरी दुनिया को डरा रखा है, तब हर जुबान पर एक ही नाम है— 'मिडल ईस्ट' (Middle East)। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रेगिस्तान, बेहिसाब दौलत और कच्चे तेल के लिए मशहूर इन देशों के समूह को यह नाम किसने दिया? नक्शे पर दिखने वाले इन 18 देशों को न तो किसी स्थानीय सुल्तान ने यह नाम दिया और न ही किसी अरब राजा ने। इस नाम के पीछे छिपा है 124 साल पुराना औपनिवेशिक इतिहास और एक खास पश्चिमी नजरिया।
1902 में गढ़ा गया शब्द: एक अमेरिकी रणनीतिकार की सोच
'मध्य पूर्व' शब्द की उत्पत्ति का इतिहास लगभग 124 साल पुराना है। इस शब्द का प्रयोग सबसे पहले साल 1902 में अमेरिकी नौसेना के रणनीतिकार अल्फर्रेड थेयर महान (Alfred Thayer Mahan) ने किया था। महान एक सैन्य सिद्धांतकार थे और उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए दुनिया के नक्शे का अध्ययन किया था। उन्होंने भारत और फारस की खाड़ी के बीच स्थित इस महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक क्षेत्र को परिभाषित करने के लिए 'मिडल ईस्ट' शब्द का इस्तेमाल किया।
लंदन को केंद्र मानकर तय हुई दिशा: 'निकट' से 'सुदूर' पूर्व तक
यह नाम पूरी तरह से 'यूरोपीय-केंद्रित' (Euro-centric) मानसिकता का नतीजा है। उस दौर में ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय शक्तियों का दुनिया पर राज था और उनके लिए लंदन ही विश्व का केंद्र था। इसी आधार पर उन्होंने पूर्व (East) की दिशा में पड़ने वाले देशों को तीन हिस्सों में बांटा:
निकट पूर्व (Near East): ओटोमन साम्राज्य और बाल्कन देश, जो यूरोप के सबसे करीब थे।
सुदूर पूर्व (Far East): चीन और जापान जैसे देश, जो यूरोप से बहुत दूर थे।
मध्य पूर्व (Middle East): इन दोनों के बीच स्थित फारस की खाड़ी और आसपास के देश।
मध्य पूर्व: तीन महाद्वीपों का चौराहा और धर्मों की जन्मस्थली
मध्य पूर्व कोई एक देश नहीं, बल्कि एशिया, अफ्रीका और यूरोप के मिलन बिंदु पर स्थित लगभग 17-18 देशों का एक विशाल समूह है। इसमें ईरान, इराक, तुर्की, सऊदी अरब, इजरायल, जॉर्डन, सीरिया और मिस्र जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। यह क्षेत्र न केवल 'काले सोने' (कच्चे तेल) के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्मों की जन्मस्थली भी है, जो इसे दुनिया का सबसे संवेदनशील धार्मिक केंद्र बनाता है।
खाड़ी देश और मध्य पूर्व: क्या आप भी होते हैं भ्रमित?
अक्सर लोग 'खाड़ी देश' (Gulf Countries) और 'मध्य पूर्व' को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन तकनीकी रूप से इनमें बड़ा अंतर है। खाड़ी देश केवल वे 6 देश हैं जो फारस की खाड़ी के तट पर स्थित हैं और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) का हिस्सा हैं।
खाड़ी देश: सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन।
ताकत: इनकी असली शक्ति कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार में छिपी है, जिस पर आज पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा टिकी हुई है।