June 18 2026 06:19 am

Yogi Government's Save River Mission जनसहयोग से पीली नदी फिर से जीवनदायिनी बनी

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में नदियों को फिर से जीवंत करने का अभियान अब रंग लाने लगा है। कई सालों से सूख चुकीं और गुमनाम हो चुकी नदियां अब फिर से बहने लगी हैं। भारतीय परंपरा में नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी शक्तियों के रूप में पूजित रही हैं। इसी भावना को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने 'एक जनपद, एक नदी' अभियान की शुरुआत की थी।

इसी योजना के तहत जौनपुर जिले में गोमती नदी की प्रमुख सहायक नदी पीली नदी का पुनरोद्धार किया गया है। यह प्रयास पूरी तरह जनसहयोग और जनभागीदारी से संभव हुआ। अब यह नदी अपने पुराने स्वरूप में बहने लगी है। नदी के किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया गया है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बना रहे और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।

पीली नदी: गोमती की सहायक, 61.2 किमी लंबी जलधारा

जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने जानकारी दी कि ‘एक जनपद, एक नदी’ अभियान के तहत पीली नदी के पुनरोद्धार को एक प्रेरणादायक जनआंदोलन के रूप में चलाया गया। यह नदी बदलापुर तहसील के देहुणा गांव से निकलकर कई गांवों से होते हुए बेलवां गांव के पास गोमती नदी में मिलती है। इसकी कुल लंबाई 61.2 किलोमीटर है, जिसमें से 43 किलोमीटर जौनपुर जिले में बहती है। सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी यह नदी क्षेत्र के लोगों के जीवन में गहराई से जुड़ी हुई है।

25 किलोमीटर नदी का पुनरुद्धार, धार्मिक स्थल भी संवारे गए

11 जून से 2 जुलाई तक चले विशेष अभियान में नदी की 25 किलोमीटर लंबी धारा को फिर से जीवंत किया गया। इसमें गांवों के लोगों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। साथ ही नदी के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर का भी जीर्णोद्धार किया गया, जिससे सावन के पावन माह में श्रद्धालुओं की आस्था को नया बल मिला।

हरियाली के लिए 51 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य

जिलाधिकारी के अनुसार, नदी के किनारों पर अब तक 11 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं और 15 अगस्त तक यह संख्या 51 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य है। यह काम ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हो रहा है। इस हरियाली से जहां पर्यावरण को लाभ होगा, वहीं किसानों को सिंचाई के लिए अधिक जल मिलेगा। इससे खेती में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।