"रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे..." ममता बनर्जी का वो पुराना वीडियो अब क्यों हो रहा वायरल? हार की आहट या कुछ और
India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे राज्य की सियासत को हिलाकर रख दिया है। रुझानों में भारतीय जनता पार्टी 190 से ज्यादा सीटों के साथ प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ रही है, जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने सबसे बुरे दौर से गुजरती दिख रही है। इस सियासी उलटफेर के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें वह कुछ ऐसा कहती नजर आ रही हैं जिसे अब उनकी 'हार की स्वीकारोक्ति' के रूप में देखा जा रहा है।
"रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे..." वायरल वीडियो का सच
वायरल हो रहे इस वीडियो में ममता बनर्जी एक चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद विदा लेते समय एक शायरी अंदाज में कहती हैं, "रहा गुलशन तो फूल खिलेंगे, रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे।"
यह वीडियो चुनाव प्रचार के दौरान का है, लेकिन आज जब टीएमसी सत्ता से बाहर होती दिख रही है, तो विपक्षी दल और सोशल मीडिया यूजर्स इसे शेयर कर चुटकी ले रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि शायद 'दीदी' को चुनाव के बीच में ही इस बात का आभास हो गया था कि इस बार बंगाल की राह उनके लिए आसान नहीं होने वाली है।
“Raha Trinamool toh phir milenge”
— Monica Verma (@TrulyMonica) May 4, 2026
Didi herself knew it ???? pic.twitter.com/tJQ7TwaNEs
क्या ममता को पहले ही हो गया था हार का अहसास?
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है कि ममता बनर्जी के इन शब्दों में एक गहरा दर्द और अनिश्चितता छिपी थी। जहां वह हमेशा 'खेला होबे' और 'जय बांग्ला' के नारों से आत्मविश्वास भरती थीं, वहीं "रहा तृणमूल तो फिर मिलेंगे" जैसे वाक्य ने समर्थकों के मन में भी सवाल खड़े कर दिए थे। आज जब रुझान उनके खिलाफ जा रहे हैं, तो लोग इस वीडियो को ममता बनर्जी की 'विदाई स्पीच' की तरह शेयर कर रहे हैं।
रुझानों में बीजेपी की 'सुनामी', टीएमसी के गढ़ ढहे
बता दें कि बंगाल की 294 सीटों पर हो रही मतगणना में बीजेपी ने शुरुआती घंटों में ही बहुमत का 148 का आंकड़ा पार कर लिया था। वर्तमान में बीजेपी 194 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि टीएमसी 100 के नीचे सिमट गई है। ममता बनर्जी के कई कद्दावर मंत्री अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं। खुद भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है, जो टीएमसी के लिए बड़े खतरे की घंटी है।
सियासी गलियारों में चर्चा: क्या अंत की ओर है ममता युग?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले 10 साल की एंटी-इंकंबेंसी और भ्रष्टाचार के आरोपों ने टीएमसी की जड़ें कमजोर कर दीं। पीएम मोदी और अमित शाह की आक्रामक रैलियों ने जो माहौल बनाया, उसका असर आज नतीजों में साफ दिख रहा है। ममता बनर्जी का यह वायरल वीडियो अब बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत और पुराने युग के अंत के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।