बंगाल का 'नया सुल्तान' कौन? ममता के किले फतह के बाद BJP में CM की रेस तेज, इन 5 दिग्गजों के नाम सबसे आगे
India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में 'कमल' खिल चुका है और इसी के साथ राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनना अब तय है। लेकिन जीत के इस जश्न के बीच सबसे बड़ा सवाल कोलकाता से लेकर दिल्ली तक गूंज रहा है— "बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?"
गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि बंगाल की कमान किसी 'भूमिपुत्र' (बंगाली) के हाथ में ही होगी। बीजेपी का यह दांव टीएमसी के 'बाहरी' वाले नैरेटिव को खत्म करने में सफल रहा है। आइए नजर डालते हैं उन 5 बड़े चेहरों पर, जो सीएम की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं:
1. सुवेंदु अधिकारी: 'नंदीग्राम के नायक' और सबसे प्रबल दावेदार
मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे पहला और वजनी नाम सुवेंदु अधिकारी का है। ममता बनर्जी के कभी सबसे भरोसेमंद रहे सुवेंदु ने 2021 में नंदीग्राम में 'दीदी' को हराकर जो चमत्कार किया था, उसने उन्हें पार्टी का निर्विवाद नेता बना दिया। नेता प्रतिपक्ष (LoP) के रूप में पिछले 5 साल उन्होंने सदन से सड़क तक ममता सरकार की नाक में दम कर रखा था। छात्र राजनीति से उभरे सुवेंदु के पास संगठनात्मक अनुभव और राज्यव्यापी लोकप्रियता, दोनों हैं।
2. शमिक भट्टाचार्य: बीजेपी के 'अटल' और संघ का विश्वास
अगर बीजेपी किसी 'भद्रलोक' (सभ्य और शिक्षित) और उदार चेहरे पर दांव लगाना चाहती है, तो शमिक भट्टाचार्य का नाम सबसे ऊपर आता है। शमिक आरएसएस के पुराने कार्यकर्ता हैं और बंगाल में बीजेपी के पहले निर्वाचित विधायक (2014) होने का गौरव उन्हें प्राप्त है। उनकी शालीन कार्यशैली और संघ में मजबूत पकड़ उन्हें एक सुरक्षित और सर्वमान्य विकल्प बनाती है।
3. दिलीप घोष: शून्य से शिखर तक ले जाने वाले 'फायरब्रांड' नेता
दिलीप घोष वो नेता हैं जिन्होंने तब बंगाल बीजेपी की कमान संभाली थी जब पार्टी के पास महज 3 विधायक थे। उन्हीं के नेतृत्व में 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 18 सीटें जीतकर टीएमसी की चूलें हिला दी थीं। अपने कड़क अंदाज और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त पैठ रखने वाले दिलीप घोष फिलहाल खड़गपुर सदर से जीत की ओर बढ़ रहे हैं। अमित शाह से हालिया मुलाकातों ने उनकी दावेदारी को और मजबूती दी है।
4. सुकांत मजूमदार: उत्तर बंगाल का मजबूत स्तंभ
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में मोदी कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार भी इस रेस का अहम हिस्सा हैं। उत्तर बंगाल बीजेपी का सबसे मजबूत किला रहा है और सुकांत वहीं से आते हैं। अगर पार्टी अपने सबसे वफादार वोट बैंक यानी उत्तर बंगाल को पुरस्कृत करना चाहती है, तो सुकांत मजूमदार मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए एक सशक्त विकल्प हो सकते हैं।
5. स्वप्न दासगुप्ता: केंद्रीय नेतृत्व के पसंदीदा 'बौद्धिक' चेहरा
पूर्व पत्रकार और राज्यसभा सांसद स्वप्न दासगुप्ता बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व, खासकर दिल्ली के गलियारों में काफी सम्मानित माने जाते हैं। वह बंगाल की राजनीति में बीजेपी के 'बौद्धिक चेहरे' के रूप में जाने जाते हैं। हालांकि प्रशासनिक अनुभव की कमी उनके लिए थोड़ी चुनौती हो सकती है, लेकिन उनकी दूरदर्शिता और साफ-सुथरी छवि उन्हें डार्क हॉर्स (छुपा रुस्तम) बना सकती है।