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August 06 2026 10:15 pm

'अगर फिल्म ऑस्कर नहीं लाई तो होगी भारी निराशा', नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' पर बोले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री

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भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में सबसे बड़े और भव्य प्रोजेक्ट के तौर पर देखी जा रही निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' को लेकर उत्साह सातवें आसमान पर है। फिल्म के अनावरण और हालिया प्रॉमिसिंग टीजर-ट्रेलर के सामने आने के बाद से ही दर्शकों के बीच इसका जबरदस्त क्रेज बना हुआ है। इसी बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान इस मेगा-बजट फिल्म को लेकर एक ऐसा बड़ा बयान दे दिया है, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सीएम फडणवीस ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि यह फिल्म ग्लोबल मंच पर ऑस्कर अवार्ड्स तक नहीं पहुंचती है और एकेडमी अवॉर्ड नहीं जीत पाती है, तो उन्हें बेहद निराशा होगी।

मुंबई में नए स्टूडियो के उद्घाटन पर सीएम फडणवीस ने की रामायण की तारीफ

गुरुवार को मुंबई के फिल्म सिटी में नमित मल्होत्रा के 'प्राइम वन' स्टूडियो के उद्घाटन समारोह के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। वेव्स समिट (Waves Summit) के मौके पर प्राइम फोकस और महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में एक वर्ल्ड-क्लास ग्लोबल एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम विकसित करने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना का भी ऐलान किया। इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम फडणवीस ने लगभग 4000 करोड़ रुपये के विशाल बजट में बन रही फिल्म 'रामायण - पार्ट 1' की जमकर सराहना की। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनकी प्रबल व्यक्तिगत इच्छा है कि यह फिल्म न सिर्फ भारत के बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनाए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन करे और ऑस्कर अपने नाम करे।

रामायण के मेकर्स के सामने थी सबसे बड़ी और अनोखी चुनौती

भारतीय संस्कृति और इतिहास के सबसे बड़े महाकाव्य पर आधारित इस फिल्म को पर्दे पर उतारना मेकर्स के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि इस कथा को देश और दुनिया के लोग सदियों से सुनते और जानते आए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह था कि दर्शकों को पर्दे पर कुछ नया और भव्य क्या परोसा जाए? यही वजह है कि फिल्म के मेकर्स ने इसके विजुअल्स और नैरेटिव पर बारीकी से काम किया है। हाल ही में आए ट्रेलर में यह साफ देखने को मिला है कि फिल्म में रावण के लंकापति बनने के सफर और उसके इतिहास को भी बहुत ही प्रभावी ढंग से जोड़ा गया है। इसके अलावा, फिल्म की कहानी और दृश्यों के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक रूप से पूरी तरह शुद्ध और सटीक रहने के लिए एक विशेष और समर्पित टीम का गठन किया गया था, जिसका एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि फिल्म में किसी भी स्तर पर ऐतिहासिक या धार्मिक तथ्यों से कोई समझौता न हो।