June 22 2026 05:02 am

तमिलनाडु में फिर चला फिल्मी सितारे का सिक्का: करुणा-जया की खाली विरासत के वारिस बनेंगे 'थलापति' विजय?

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India News Live,Digital Desk : तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर वही इतिहास दोहराया जा रहा है, जिसने दशकों तक इस राज्य को देश की बाकी राजनीति से अलग पहचान दी। एमजीआर (MGR), करुणानिधि और जयललिता जैसे 'स्क्रीन गॉड' के बाद अब थलापति विजय ने तमिल राजनीति के उस खाली सिंहासन पर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है, जो पिछले कई सालों से किसी 'सुपरस्टार' राजनेता का इंतजार कर रहा था।

विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) 100 से 110 सीटों के बीच बढ़त बनाकर सबसे बड़े दल के रूप में उभर रही है। अगर विजय मुख्यमंत्री बनते हैं, तो वह तमिलनाडु के इतिहास में सिनेमा जगत से आने वाले 5वें मुख्यमंत्री होंगे।

एमजीआर और करुणानिधि की विरासत का नया चेहरा?

तमिलनाडु में सिनेमा और सत्ता का रिश्ता बहुत पुराना है। इसकी शुरुआत सीएन अन्नादुरै से हुई थी, लेकिन इसे परवान चढ़ाया महान पटकथा लेखक एम करुणानिधि और मेगास्टार एमजी रामचंद्रन (MGR) ने। करुणानिधि ने अपनी कलम से द्रविड़ विचारधारा को घर-घर पहुंचाया, तो एमजीआर ने अपनी ऑन-स्क्रीन 'गरीबों के मसीहा' वाली छवि को वोट में तब्दील किया।

विजय की सफलता के पीछे भी यही 'एमजीआर मॉडल' काम कर रहा है। उन्होंने जयललिता और करुणानिधि के निधन के बाद पैदा हुए नेतृत्व के शून्य को अपने जबर्दस्त फैन बेस से भर दिया है।

पार्ट-टाइम राजनीति नहीं, सिनेमा से लिया संन्यास

विजय ने कमल हासन या विजयकांत जैसी गलती नहीं की, जो फिल्मों और राजनीति के बीच झूलते रहे। विजय ने अपनी आखिरी फिल्म 'जन नयागन' के बाद अभिनय से संन्यास का ऐलान कर जनता को यह संदेश दिया कि वे अब पूरी तरह से उनके सेवक हैं। लोगों को उनका यह समर्पण पसंद आया। उन्होंने अपनी फैन क्लब 'विजय जन संगठन' को 15 साल तक जमीनी स्तर पर सेवा कार्यों में लगाए रखा, जिसका फल आज उन्हें विधानसभा में मिलता दिख रहा है।

विजय की जीत के 3 सबसे बड़े 'ट्रम्प कार्ड'

जमीनी नेटवर्क: 2009 से सक्रिय 85,000 फैन क्लबों को राजनीतिक कैडर में बदलना।

स्थानीय निकाय का सफल प्रयोग: 2021 के स्थानीय निकाय चुनाव में 169 में से 116 सीटें जीतकर अपनी ताकत का अहसास कराया।

स्पष्ट विजन: 'द्रविड़ मॉडल' के साथ-साथ युवाओं के बीच अपनी 'एक्शन हीरो' वाली छवि को 'सुधारवादी नेता' में बदलना।

क्या थलापति बनेंगे मुख्यमंत्री?

बहुमत के लिए 118 विधायकों की जरूरत है और टीवीके फिलहाल 110 के करीब मंडरा रही है। बीजेपी और अन्य छोटे दलों की मदद से विजय की ताजपोशी की संभावनाएं प्रबल हैं। अगर ऐसा होता है, तो तमिलनाडु में एक बार फिर 'सिनेमाई करिश्मा' सत्ता की बागडोर संभालेगा। जयललिता के बाद तमिलनाडु को एक ऐसा नेता मिल जाएगा, जिसके पीछे जनता की वैसी ही 'दीवानगी' है जैसी करुणा और जया के दौर में हुआ करती थी।