नए साल 2026 में कैलेंडर लगाते समय वास्तु का ध्यान रखें, ये दिशाएं लाएंगी सुख-समृद्धि

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India News Live,Digital Desk : हम सभी अब नए साल 2026 में प्रवेश कर चुके हैं। नए साल की शुरुआत में अधिकतर लोग कैलेंडर खरीदकर घर, दुकान या ऑफिस में लगा देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया कि कैलेंडर किस दिशा में लगा है?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, कैलेंडर लगाने की दिशा बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसका सीधे तौर पर हमारे भाग्य, सफलता और समृद्धि से संबंध होता है। गलत दिशा में कैलेंडर लगाने से जीवन में प्रगति रुक सकती है। इसलिए कैलेंडर लगाते समय कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है।

कैलेंडर कभी न लगाएं दक्षिण दिशा में

घर में कैलेंडर कभी भी दक्षिण दिशा में या दक्षिण की दीवार पर न लगाएं। वास्तु के अनुसार ऐसा करने से घर के मुखिया का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, कामकाज और प्रगति के अवसर घट जाते हैं, और तरक्की रुकने लगती है। दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगाने से घर में सुख-समृद्धि और वैभव में कमी आती है।

शुभ दिशा: पूर्व, उत्तर और पश्चिम

पूर्व दिशा: इस दिशा में कैलेंडर लगाना सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसर लाता है। लाल, गुलाबी या हरे रंग के कैलेंडर लगाना शुभ माना गया है। अगर कैलेंडर में उगता सूरज या शुभ प्रतीक हों तो यह और भी लाभकारी होता है।

उत्तर दिशा: धन, आर्थिक समृद्धि और शुभ अवसरों के लिए उत्तर दिशा सबसे उत्तम मानी जाती है। इस दिशा में नदी, झरना, समुद्र, विवाह जैसी सुखद घटनाओं वाले चित्र वाले कैलेंडर लगाएं। रंगों में हरा, नीला, आसमानी और सफेद लाभदायक हैं।

पश्चिम दिशा: स्थिरता और उपलब्धि के लिए पश्चिम दिशा श्रेष्ठ मानी जाती है। सुनहरे, स्लेटी या सफेद रंग का कैलेंडर लगाना शुभ है। इससे घर में शांति और सुख-समृद्धि बनी रहती है।

इन बातों का रखें ध्यान

कैलेंडर में युद्ध, रक्तरंजित दृश्य, सूखे पेड़, उदासी या अवसाद फैलाने वाले चित्र न हों।

मांसाहारी जानवरों के चित्र वास्तु की दृष्टि से अनुचित हैं।

नए कैलेंडर को पुराने के ऊपर न लगाएं। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

पुराना कैलेंडर समय पर हटा दें, नहीं तो घर में कार्य बाधित और प्रगति में रुकावट आ सकती है।