थलपति विजय ने की पीएम मोदी के 'विकसित भारत 2047' विजन की तारीफ, अर्थव्यवस्था को सराहा, केंद्र के सामने रखीं ये बड़ी मांगें

Post

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक और प्रचंड जीत हासिल कर सत्ता की कमान संभालने वाले अभिनेता से राजनेता बने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) गुरुवार 11 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए।

अपने कार्यकाल की शुरुआत में ही नीति आयोग के इस बड़े मंच पर पहुंचे सीएम विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए उनके 'विकसित भारत 2047' के दूरदर्शी लक्ष्य के प्रति तमिलनाडु सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता जताई। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक मंदी और अनिश्चितताओं के बीच भारत की मजबूत आर्थिक रफ्तार की जमकर सराहना की। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए पीएम मोदी के सामने मांगों का एक लंबा पत्र भी रख दिया।

'मजबूत राज्यों से ही बनेगा विकसित भारत'— सीएम विजय

नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री थलपति विजय ने अपने पहले भाषण में देश के संघीय ढांचे (Cooperative Federalism) को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा:

सीएम थलपति विजय का बयान: "तमिलनाडु राष्ट्र की बड़ी आकांक्षाओं का पूरी ताकत के साथ समर्थन करता है। हमारा यह दृढ़ विश्वास है कि 'विकसित भारत' का महान लक्ष्य केवल तभी हासिल किया जा सकता है जब देश के राज्य शक्तिशाली होंगे और केंद्र-राज्य के बीच सहकारी संघवाद मजबूत होगा। तमिलनाडु की जनता ने हमारी नई सरकार को एक ऐतिहासिक जनादेश दिया है और हम राज्य की आकांक्षाओं की रक्षा करते हुए केंद्र सरकार के साथ रचनात्मक रूप से काम करने के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।"

अर्थव्यवस्था की तारीफ और 1.5 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य

वैश्विक आर्थिक हालातों का जिक्र करते हुए सीएम विजय ने कहा कि जहां दुनिया के बड़े-बड़े देश मंदी से जूझ रहे हैं, वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने तमिलनाडु की आर्थिक प्रगति का रोडमैप साझा करते हुए बताया कि तमिलनाडु ने साल 2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है, जो अंततः 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

नीति आयोग की बैठक में सीएम विजय की प्रमुख मांगें:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भाषण देते हुए मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु के विकास, युवाओं, महिलाओं और मछुआरों से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों को उठाते हुए केंद्र से सहयोग मांगा:

1. युवाओं के लिए AI और एडवांस टेक्नोलॉजी सेंटर्स

सीएम विजय ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी युवा आबादी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि तमिलनाडु के प्रत्येक जिले में उभरती हुई तकनीकों (Emerging Technologies) के लिए 'कौशल केंद्र' स्थापित किए जाएं। इसके जरिए राज्य के 5 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीप टेक, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) टेक्नोलॉजी में एडवांस ट्रेनिंग दी जा सके।

2. NEET परीक्षा का विरोध

मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) को लेकर थलपति विजय ने तमिलनाडु की पूर्ववर्ती डीएमके (DMK) सरकार के स्टैंड को ही आगे बढ़ाया। उन्होंने नीट परीक्षा पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री से मांग की कि तमिलनाडु को नीट से छूट दी जाए और राज्य को 12वीं कक्षा के अंकों (बोर्ड मेरिट) के आधार पर ही मेडिकल सीटों को भरने की अनुमति दी जाए।

3. कोयंबटूर में दूसरा AIIMS और गरीबों के लिए आवास

मुख्यमंत्री ने राज्य से गरीबी उन्मूलन का संकल्प दोहराते हुए केंद्र सरकार से गरीबों के लिए आवास योजना में भारी वित्तीय मदद की मांग की। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कोयंबटूर में तमिलनाडु का दूसरा एम्स (AIIMS) अस्पताल खोलने की बड़ी मांग केंद्र के सामने रखी।

4. महिला कार्यबल और सुरक्षा

सीएम विजय ने एक बेहद दिलचस्प आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि भारत की विभिन्न फैक्ट्रियों (कारखानों) में काम करने वाली कुल महिला आबादी का लगभग 42 फीसदी हिस्सा अकेले तमिलनाडु से आता है। उन्होंने बताया कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए उनकी सरकार ने 'महिला विशेष कार्रवाई बल' (Women Special Action Force) का गठन किया है।

5. पाक खाड़ी में मछुआरों की सुरक्षा

मछुआरों के गंभीर मुद्दे पर बात करते हुए सीएम विजय ने कहा कि श्रीलंका और पाकिस्तान द्वारा भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किए जाने का सिलसिला रुकना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पाल्क खाड़ी (Palk Strait) में तमिलनाडु के मछुआरों के पारंपरिक अधिकारों और उनकी सुरक्षा की गारंटी दी जाए और विदेशी जेलों में बंद मछुआरों की तत्काल रिहाई सुनिश्चित हो।

6. इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और एक्सप्रेसवे को 6-लेन करने की मांग

तमिलनाडु के तीव्र औद्योगिक विकास के लिए मुख्यमंत्री ने रेल और सड़क परिवहन मंत्रालय से कई लंबित योजनाओं को हरी झंडी देने की मांग की:

चेंगलपट्टू से तिरुचि खंड नेशनल हाईवे को 6-लेन करना।

तिरुचि-जीयापुरम-करूर खंड और करूर से कोयंबटूर खंड को 6-लेन एक्सप्रेसवे में तब्दील करना।

माधवरम से शोलावरम तक नए एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण।

चेन्नई से कन्याकुमारी तक नए हाई-वे कॉरिडोर के निर्माण को तत्काल मंजूरी।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने शिक्षा मंत्रालय से राज्य की लंबित राशि जारी करने, डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने और विशेष केंद्रीय योजनाओं के तहत अतिरिक्त फंड आवंटित करने का भी अनुरोध किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय का यह पहला दिल्ली दौरा और नीति आयोग में उनका परिपक्व भाषण यह दिखाता है कि वे केंद्र के साथ टकराव के बजाय विकास की राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं।