'370 रुपये की बिरयानी' के बाद प्रणीत मोरे के शो में नया बवाल! डेड बॉडी पर टिप्पणी कर फंसीं यह महिला डॉक्टर

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कॉमेडियन प्रणीत मोरे का टॉक शो इन दिनों विवादों का गढ़ बनता जा रहा है। अभी कुछ ही दिन पहले शो के एक दर्शक हिमांशु जांगड़ा द्वारा महिला पर की गई '370 रुपये की बिरयानी' वाली घटिया टिप्पणी का विवाद शांत भी नहीं हुआ था कि अब इस शो की एक और नई वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इस क्लिप के सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

वायरल वीडियो में ऑडियंस में बैठी एक लड़की, जो पेशे से डॉक्टर (एमबीबीएस छात्रा) है, मेडिकल कॉलेज की एनाटॉमी लैब में रखे शवों (डेड बॉडीज) के प्राइवेट पार्ट्स को लेकर बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील बातें कहती नजर आ रही है। इस क्लिप के वायरल होते ही देश भर के डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और आम जनता ने इस महिला के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है।

कौन हैं डॉ. सेजल पवार?

विवादित बयान देने वाली इस महिला की पहचान डॉ. सेजल पवार के रूप में हुई है। सेजल मुंबई के प्रतिष्ठित सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज और केईएम अस्पताल (KEM Hospital) की एमबीबीएस (MBBS) की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सेजल एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर 2.4 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। हालांकि, इस क्लिप को लेकर मचे भारी बवाल और ट्रोलिंग के बाद उन्होंने तुरंत अपना इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट कर लिया है।

शो में आखिर महिला डॉक्टर ने क्या कहा?

टॉक शो के दौरान होस्ट प्रणीत मोरे ने दर्शकों से मेडिकल कॉलेज के माहौल और डॉक्टरों के बीच होने वाली हंसी-मजाक को लेकर एक सामान्य सवाल पूछा था। इस पर डॉ. सेजल पवार ने हंसते हुए अपने कॉलेज के दिनों का एक किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया।

हैरानी की बात यह रही कि नेशनल प्लेटफॉर्म पर एक मृत शरीर की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली इस बेहद असंवेदनशील बात पर कॉमेडियन प्रणीत मोरे और हॉल में बैठी पूरी ऑडियंस जोर-जोर से ठहाके लगाती और तालियां बजाती नजर आई।

मेडिकल जगत ने बताया बेहद घटिया, बुक की कविता का दिया हवाला

इस वीडियो के वायरल होते ही चिकित्सा क्षेत्र (Medical Fraternity) से जुड़े लोगों और अन्य डॉक्टरों ने डॉ. सेजल के इस व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है।

एक मेडिकल छात्र का दर्द: सोशल मीडिया पर एक मेडिकल स्टूडेंट ने गहरी नाराजगी जताते हुए लिखा, "एक डॉक्टर या मेडिकल छात्र के तौर पर किसी शव (Cadaver) का इस तरह नेशनल शो में मजाक उड़ाना सबसे घटिया और शर्मनाक हरकत है। मुझे आज भी मेडिकल एनाटॉमी की मशहूर किताब 'बी.डी. चौरसिया' (B.D. Chaurasia) के पहले पन्ने पर लिखी वह भावुक कविता याद है, जिसमें एक शव डॉक्टरों से प्रार्थना करता है कि उसे प्यार और सम्मान के साथ छुआ जाए, क्योंकि वह केवल समाज और विज्ञान की भलाई के लिए अपना शरीर दान कर रहा है।"

बॉडी डोनेशन पर पड़ेगा बुरा असर: कई लोगों का कहना है कि डॉक्टरों की ऐसी घटिया और असंवेदनशील सोच को देखकर भविष्य में कोई भी परिवार अपने दिवंगत प्रियजनों का शरीर मेडिकल रिसर्च या कॉलेजों को दान (Body Donation) करने से पहले सौ बार सोचेगा। इससे विज्ञान और चिकित्सा की पढ़ाई को बड़ा नुकसान हो सकता है।

सस्पेंशन और सख्त सजा की उठ रही मांग

सोशल मीडिया पर लोग डॉ. सेजल पवार को कॉलेज से सस्पेंड करने और उनका मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का तर्क है कि यदि '370 रुपये की बिरयानी' विवाद में महिला का अपमान करने वाले हिमांशु जांगड़ा की घटिया सोच के कारण उसकी कंपनी ने उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया, तो एक मृत शरीर के अंगों का मजाक उड़ाने और मेडिकल एथिक्स (नैतिकता) की धज्जियां उड़ाने वाली इस महिला डॉक्टर को कॉलेज से सस्पेंड क्यों नहीं किया जा रहा? लोग इस तरह की अश्लीलता और असंवेदनशीलता को बढ़ावा देने के लिए शो के होस्ट प्रणीत मोरे को भी आड़े हाथों ले रहे हैं।