वाराणसी को मिली बड़ी न्यायिक सौगात, ITAT की सर्किट बेंच बनेगी स्थाई पीठ, पूर्वांचल के करदाताओं को बड़ी राहत
India News Live,Digital Desk : पूर्वांचल के करदाताओं और टैक्स पेशेवरों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है। वाराणसी में स्थित आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) की सर्किट बेंच को जल्द ही स्थाई बेंच के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इस फैसले से वाराणसी समेत आसपास के जिलों के करदाताओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है।
यह घोषणा केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने लखनऊ में आयोजित ITAT के रजत जयंती समारोह के दौरान की। मंच से की गई इस घोषणा को पूर्वांचल के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
समारोह के दौरान वाराणसी ITAT बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला, इनकम टैक्स बार एसोसिएशन वाराणसी के अध्यक्ष आशुतोष भारद्वाज, पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश शुक्ला और आसिम ज़फर ने मंत्री से मुलाकात कर वाराणसी की ऐतिहासिक, प्रशासनिक और भौगोलिक महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने लंबे समय से लंबित मांग को रखते हुए सर्किट बेंच को स्थाई पीठ में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस मांग को पूरी तरह उचित बताते हुए वाराणसी में स्थाई ITAT पीठ की स्वीकृति की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और करदाता हितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
स्थाई ITAT पीठ की स्थापना के बाद आयकर अपीलों की नियमित सुनवाई संभव हो सकेगी। इससे वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण होगा। वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, महाराजगंज सहित कई जिलों के करदाताओं और टैक्स प्रोफेशनल्स को अब प्रयागराज और लखनऊ के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
इस फैसले का कर अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यापारियों और उद्योग जगत ने स्वागत किया है। बार एसोसिएशनों का कहना है कि यह कदम न केवल न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि पूर्वांचल में व्यापार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।
स्थाई ITAT पीठ को वाराणसी के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो क्षेत्र के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाएगा।