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July 26 2026 04:27 am

China-US agreement : टिकटॉक को लेकर ट्रंप का बदला रुख

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India News Live,Digital Desk : अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहा टिकटॉक विवाद अब खत्म होने की कगार पर है। अमेरिकी सरकार ने सोमवार को साफ किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल और दबाव के बाद दोनों देशों के बीच समझौता हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेन की राजधानी मैड्रिड में हुई बैठकों के दौरान इस डील को लगभग फाइनल कर लिया गया है। अब शुक्रवार को ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात में इसे आधिकारिक मंजूरी दी जाएगी। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि इस समझौते में अमेरिका की सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं का ध्यान रखा गया है और यह दोनों देशों के हित में है।

ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह डील उस कंपनी से जुड़ी है जिसे अमेरिकी युवा बचाना चाहते थे। उन्होंने अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन के बीच हुई बातचीत को "बहुत अच्छी" बताया। भले ही उन्होंने पोस्ट में टिकटॉक का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को इसी मुद्दे से जोड़ा जा रहा है।

विवाद की शुरुआत कहाँ से हुई?

यह पूरा मामला पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के उस कानून से जुड़ा है, जिसमें कहा गया था कि अगर किसी ऐप का मालिकाना हक चीनी कंपनी के पास है तो उसे अमेरिका में बैन किया जा सकता है। इसी आधार पर 19 जनवरी 2025 को टिकटॉक पर आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि, यह ऐप अब तक अमेरिका में काम कर रहा है क्योंकि प्रतिबंध लागू नहीं हुआ था। लेकिन हाल के महीनों में टिकटॉक पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग तेज हो गई थी।

शर्त यह रखी गई थी कि अगर टिकटॉक को अमेरिका में जारी रखना है तो कंपनी को अपना मालिकाना हक किसी अमेरिकी नागरिक या कंपनी को देना होगा। अन्यथा ऐप बंद कर दिया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डेडलाइन को तीन बार बढ़ाया और आखिरकार आखिरी तारीख 17 सितंबर तय की गई थी। लेकिन उससे पहले ही दोनों देशों में सहमति बन गई।

ट्रंप का बदलता रुख

जब ट्रंप पहली बार राष्ट्रपति बने थे, तो वे टिकटॉक पर सख्त कार्रवाई चाहते थे। लेकिन समय के साथ उन्होंने अपना रुख बदला। 2024 के चुनाव नज़दीक आते ही उन्होंने माना कि टिकटॉक ने उनके चुनाव अभियान में अप्रत्यक्ष मदद की है। इसी वजह से उन्होंने इस पर नरमी दिखानी शुरू की।

पिछले महीने ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी कंपनियां टिकटॉक को खरीदने के लिए तैयार हैं और अगर ज़रूरत पड़ी तो वह समय सीमा आगे बढ़ा देंगे। हालांकि, हाल ही में दिए गए एक बयान में वह कुछ अस्पष्ट नज़र आए। उन्होंने कहा – "शायद मैं समय सीमा बढ़ाऊं, शायद नहीं... यह चीन पर निर्भर है। लेकिन मैं चाहता हूँ कि यह ऐप बच्चों के लिए बचा रहे क्योंकि उन्हें यह पसंद है।"

अंतिम फैसला शुक्रवार को

स्पेन की राजधानी मैड्रिड में पिछले कई दिनों से दोनों देशों के प्रतिनिधि व्यापार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान टिकटॉक को लेकर भी सहमति बनी। अब शुक्रवार को ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात में इस समझौते पर अंतिम मुहर लगेगी। ट्रंप ने खुद इस बात की पुष्टि की कि यह फैसला अमेरिका के युवाओं के लिए बड़ी राहत होगी।