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July 25 2026 07:14 pm

न टॉयलेट, न पानी: जंतर-मंतर पर महिला प्रदर्शनकारियों का बुरा हाल, 2 किमी दूर जाने को मजबूर

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक गंभीर मानवीय और स्वास्थ्य संकट में बदलता दिख रहा है। प्रदर्शन स्थल पर पानी की सप्लाई रोक दिए जाने और आसपास के शौचालयों की घेराबंदी होने से वहां डटीं महिला प्रदर्शनकारियों, वालंटियर्स और महिला डॉक्टरों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

2 किलोमीटर दूर गुरुद्वारे जाने को मजबूर महिलाएं

कड़ी धूप, भीषण गर्मी और प्रशासनिक बंदिशों के बीच बुनियादी सुविधाओं का अभाव सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। बेंगलुरु से आईं प्रदर्शनकारी हरिशमा ने बताया कि बुनियादी सुविधाओं के बिना सड़क पर डटे रहना नामुमकिन सा हो गया है। आसपास के रेस्टोरेंट और दुकानें बंद कराए जाने के कारण महिलाओं को फ्रेश होने के लिए लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित गुरुद्वारे तक जाना पड़ रहा है।

"प्रदर्शन के पहले ही दिन मुझे पीरियड्स आ गए थे और यहां के शौचालयों की स्थिति बेहद भयावह थी। पानी की सप्लाई कटने से स्थिति और गंभीर हो गई है।"

— वालंटियर महिला डॉक्टर, जंतर-मंतर

खाने-पीने के सामान पर कड़ा पहरा, बदबू से बिगड़े हालात

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जंतर-मंतर पर लगे पुराने मोबाइल टॉयलेट कचरे और गंदगी से अटे पड़े हैं। सफाई कर्मचारियों के न आने से छात्रों को खुद ही झाड़ू उठानी पड़ रही है। यही नहीं, सुरक्षा बैरिकेड्स पर पुलिस की सख्त चेकिंग के कारण बाहर से आ रहे खाने के पैकेट और पानी की डिलीवरी भी रोकी जा रही है।

हेल्थ इमरजेंसी का मंडराया खतरा

आंदोलन स्थल पर मौजूद डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि कड़ाके की धूप में साफ पानी और स्वच्छ शौचालय न मिलने से डिहाइड्रेशन और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है, जो किसी बड़े सार्वजनिक हेल्थ इमरजेंसी को न्योता दे सकता है।