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July 25 2026 07:18 pm

जंतर-मंतर पर फिर बढ़ा था तनाव, तभी आई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर; बदला माहौल

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NEET पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से चल रहा छात्र आंदोलन आखिरकार अपने ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान ने नीट पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर के सामने आते ही जंतर-मंतर पर तनावपूर्ण माहौल अचानक आतिशबाजी और जीत के जश्न में तब्दील हो गया।

सुबह से बढ़ा था तनाव, संसद मार्ग पर दागे गए आंसू गैस के गोले

शनिवार सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी गई थी। खाने-पीने की सप्लाई रोके जाने और बैरिकेडिंग बढ़ाए जाने को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। दोपहर करीब 12 बजे जब छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन तेज किया, तो स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को संसद मार्ग पर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

"झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए! शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देश के युवाओं और छात्रों की सामूहिक ताकत की बड़ी जीत है।"

— अभिजीत दीपके (सूत्रधार, कॉकरोच जनता पार्टी)

देशभर में उग्र हो रहा था आंदोलन, बिहार-यूपी में भी बवाल

नीट पेपर लीक का यह आंदोलन दिल्ली से निकलकर बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मुंबई तक फैल चुका था। पटना और छपरा में छात्रों पर लाठीचार्ज और पथराव की घटनाएं सामने आई थीं। विपक्ष भी लगातार संसद में चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ था, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा था।

क्या अब खत्म होगा आंदोलन?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुरुआत से ही धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अपनी मुख्य मांग बनाया था। मंत्री के पद छोड़ते ही सीजेपी ने इसे युवाओं की ऐतिहासिक जीत करार दिया है, जिससे अब इस आंदोलन के समाप्त होने की संभावना बन गई है। इसके साथ ही सरकार संसद में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून का विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिसमें 7 साल की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा।