Trump's Bombshell : 'हमने ईरान से युद्ध जीत लिया है', ओवल ऑफिस से किया 'कीमती तोहफे' का रहस्यमयी खुलासा
India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ओवल ऑफिस से पूरी दुनिया को चौंका देने वाला दावा किया है। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने तीन सप्ताह से जारी ईरान संघर्ष में 'ऐतिहासिक जीत' हासिल कर ली है। पत्रकारों से मुखातिब होते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान न केवल झुक गया है, बल्कि वह परमाणु हथियार विकसित न करने की शर्त पर पूरी तरह सहमत हो गया है। सबसे ज्यादा चर्चा ट्रंप के उस बयान की हो रही है जिसमें उन्होंने ईरान की ओर से मिले एक 'बहुमूल्य उपहार' का जिक्र किया है।
ईरान का 'सीक्रेट गिफ्ट': तेल और गैस से जुड़ा है बड़ा रहस्य
नए गृह सुरक्षा सचिव मार्क वेन मुलिन के शपथ ग्रहण समारोह के बाद ट्रंप ने मीडिया को बताया कि ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका को एक ऐसा तोहफा दिया है जो बेहद कीमती है। ट्रंप ने कहा, "ईरान एक बड़ा समझौता करने जा रहा है। उन्होंने कल एक बहुत अच्छा काम किया और हमें एक 'गिफ्ट' भेजा है। यह तेल और गैस संसाधनों से संबंधित है।" हालांकि, राष्ट्रपति ने इस तोहफे की सटीक जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल की निर्बाध आपूर्ति या किसी बड़े तेल क्षेत्र तक पहुंच से संबंधित हो सकता है।
'सत्ता परिवर्तन' का दावा: ट्रंप की टीम कर रही है कमान
ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के मौजूदा नेतृत्व में बड़े बदलाव आ चुके हैं, जिसे उन्होंने एक तरह का 'सत्ता परिवर्तन' करार दिया। उन्होंने कहा कि नए ईरानी नेता समस्याओं को सुलझाने के लिए गंभीर हैं। इस पूरी शांति वार्ता का नेतृत्व ट्रंप की 'कोर टीम' कर रही है, जिसमें शामिल हैं:
जे.डी. वैंस: अमेरिकी उपराष्ट्रपति
मार्को रुबियो: विदेश मंत्री
स्टीव विटकॉफ: मध्य पूर्व के विशेष दूत
जेरेड कुशनर: ट्रंप के दामाद और रणनीतिकार
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की लाइफलाइन पर सुलझा विवाद?
दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता 'होर्मुज जलडमरूमध्य' है। ट्रंप के दावों के अनुसार, ईरान इस समुद्री मार्ग को बिना किसी बाधा के खोलने और तेल-गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर सहमत हो गया है। अगर यह सच साबित होता है, तो वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल सकती है, जो मंदी से जूझ रही वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और शरीफ का प्रस्ताव
इस हाई-प्रोफाइल विवाद में पाकिस्तान की भूमिका भी सामने आई है। ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के उस सोशल मीडिया पोस्ट का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी करने का प्रस्ताव दिया था। ट्रंप ने संकेत दिया कि संघर्ष का व्यापक समाधान खोजने में पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।