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May 05 2026 12:35 am

थलपति विजय का 'सरकार' राज: तमिलनाडु में TVK की प्रचंड जीत के वो 3 बड़े फैक्टर, जिन्होंने बदल दी राज्य की सियासत

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India News Live,Digital Desk : तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सिनेमाई पर्दे का जादू सिर चढ़कर बोला है। सुपरस्टार थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने विधानसभा चुनाव में जो ऐतिहासिक सफलता हासिल की है, उसने द्रविड़ राजनीति के दिग्गजों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह जीत केवल एक अभिनेता के प्रति दीवानगी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक पटकथा का परिणाम है। विजय की इस जीत के पीछे वो तीन बड़े कारण हैं, जिन्होंने उन्हें 'स्क्रीन आइकन' से 'जनता का नायक' बना दिया।

1. फिल्मों के जरिए 'सिस्टम' से सीधा मुकाबला

विजय की जीत का सबसे मजबूत स्तंभ उनकी एंटी-एस्टेब्लिशमेंट (व्यवस्था विरोधी) छवि रही। पिछले एक दशक में विजय ने ऐसी फिल्मों का चुनाव किया, जो सीधे तौर पर सत्ता की खामियों और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर प्रहार करती थीं। जहां अन्य दल एक-दूसरे पर कीचड़ उछाल रहे थे, वहीं विजय ने खुद को आम आदमी की ढाल के रूप में पेश किया। उनकी फिल्मों के संवाद केवल स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं थे, बल्कि वे जनता के मन में पल रहे आक्रोश की आवाज बन गए।

2. 'मार्शल' और 'सरकार': वो दो फिल्में जिन्होंने बदली छवि

विजय के राजनीतिक सफर में दो फिल्मों ने 'गेम चेंजर' की भूमिका निभाई:

मार्शल (Mersal): 2017 में आई इस फिल्म ने विजय को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया। फिल्म में जीएसटी (GST) और केंद्र की कुछ नीतियों पर तीखी टिप्पणी की गई थी। जब राजनीतिक दलों ने इन दृश्यों का विरोध किया, तो जनता के बीच यह संदेश गया कि विजय ही वो एकमात्र शख्स हैं जो सत्ता की आंखों में आंखें डालकर सच बोलने की हिम्मत रखते हैं।

सरकार (Sarkar): 2018 की इस फिल्म ने विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की नींव रखी। फिल्म में मुफ्त की योजनाओं (Freebies) की तीखी आलोचना की गई, जिससे तत्कालीन सत्ताधारी दल के साथ उनका सीधा टकराव हुआ। इस फिल्म ने उन्हें एक 'पॉलिटिकल वॉरियर' के रूप में स्थापित कर दिया, जो बदलाव के लिए किसी भी दबाव को झेलने को तैयार है।

3. युवा वोटर्स और 'थर्ड अल्टरनेटिव' का उदय

तमिलनाडु का युवा लंबे समय से द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के बीच चल रहे बारी-बारी के सत्ता खेल से ऊब चुका था। विजय ने इस खालीपन को बखूबी भरा। उन्होंने खुद को एक विश्वसनीय विकल्प (Third Alternative) के रूप में पेश किया। उनकी पार्टी TVK ने जमीनी स्तर पर युवाओं को संगठित किया, जो मौजूदा व्यवस्था से असंतुष्ट थे। फिल्मों के जरिए घर-घर तक पहुंची उनकी राजनीतिक संदेश (Political Messaging) ने चुनाव तक उन्हें एक गंभीर राजनेता के रूप में स्वीकार्य बना दिया।