केरल में खिला कमल: वामपंथ के अभेद्य किले में सेंध, चथन्नूर में BJP की ऐतिहासिक जीत ने चौंकाया
India News Live,Digital Desk : केरल की राजनीति में आज एक ऐसा उलटफेर हुआ है जिसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है। 'ईश्वर के अपने देश' (God's Own Country) कहे जाने वाले केरल में भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार अपना खाता खोलकर इतिहास रच दिया है। प्रदेश में जहां कांग्रेस नीत यूडीएफ (UDF) सत्ता में वापसी कर रही है, वहीं भाजपा ने लेफ्ट के गढ़ माने जाने वाली चथन्नूर विधानसभा सीट पर जीत का परचम लहराकर सबको हैरान कर दिया है।
गढ़ में घुसकर लेफ्ट को दी पटखनी: बीबी गोपकुमार बने नायक
चथन्नूर सीट पर भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपकुमार ने वह कर दिखाया जो अब तक नामुमकिन माना जा रहा था। उन्होंने सीपीआई (CPI) के दिग्गज नेता आर राजेंद्रन को करीब 4,000 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी। यह जीत इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि 2021 के चुनाव में लेफ्ट ने इस सीट को 17 हजार से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीता था। इस बार गोपकुमार को 50 हजार से अधिक वोट मिले, जबकि कांग्रेस के सूरज रवि तीसरे और आम आदमी पार्टी के अरुण चौथे स्थान पर रहे।
नेमम में भी भगवा लहर, राजीव चंद्रशेखर की बढ़त
केरल से भाजपा के लिए एक और अच्छी खबर नेमम सीट से आ रही है। यहां भाजपा के दिग्गज नेता राजीव चंद्रशेखर अपने प्रतिद्वंद्वी सीपीआई (एम) के वी शिवांकुट्टी से लगभग तीन हजार वोटों से आगे चल रहे हैं। यदि यह बढ़त जीत में बदलती है, तो केरल विधानसभा में पहली बार भाजपा के दो विधायक नजर आएंगे।
केरल में सत्ता परिवर्तन: 10 साल बाद कांग्रेस (UDF) की वापसी
प्रदेश के समग्र नतीजों की बात करें तो केरल की जनता ने 'हर पांच साल में सरकार बदलने' की अपनी पुरानी परंपरा को फिर से दोहराया है। दोपहर तक के रुझानों के अनुसार, कांग्रेस नीत यूडीएफ 90 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है। वहीं, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ (LDF) 10 साल सत्ता में रहने के बाद बाहर होता दिख रहा है, जो फिलहाल 34 सीटों पर सिमटा नजर आ रहा है।
कांग्रेस मुख्यालय में जश्न, ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरके कार्यकर्ता
नतीजों के बाद तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस मुख्यालय में दिवाली जैसा माहौल है। कार्यकर्ता मिठाइयां बांट रहे हैं और ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मना रहे हैं। वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और के.सी. वेणुगोपाल का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। नेताओं का कहना है कि यह जीत विकास और बदलाव की जीत है।