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May 14 2026 10:12 pm

लखनऊ में टला विमान हादसा, डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक के प्लेन की 3 बार फेल हुई लैंडिंग

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India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे (चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट) पर आज दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को ले जा रहा सरकारी विमान लैंडिंग करने में विफल रहा। जानकारी के अनुसार, पायलट ने एक के बाद एक तीन बार विमान को रनवे पर उतारने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी दिक्कतों या मौसम की खराबी (संभावित) के चलते लैंडिंग सफल नहीं हो सकी। इस घटना के दौरान विमान में सवार दोनों वीवीआईपी (VVIPs) और क्रू मेंबर्स की सांसें अटकी रहीं।

क्या है पूरा मामला?

 दोनों उपमुख्यमंत्री एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम से वापस लखनऊ लौट रहे थे। जब विमान लखनऊ के आसमान में पहुँचा, तो पायलट ने एटीसी (ATC) से अनुमति लेकर लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार, पहली कोशिश में विमान रनवे के काफी करीब आया लेकिन टचडाउन से पहले ही उसे फिर से हवा में उठाना पड़ा (Go-Around)। ऐसा ही दूसरी और तीसरी बार भी हुआ, जिससे एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।

इमरजेंसी अलर्ट और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम लगातार तीन कोशिशों के नाकाम होने के बाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी अलर्ट जैसी स्थिति बन गई। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को रनवे के पास तैनात कर दिया गया। एटीसी लगातार पायलट के संपर्क में रहा और विमान को हवा में ही होल्ड करने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत रनवे की फिर से जांच की गई ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।

आखिरकार हुई सुरक्षित लैंडिंग काफी मशक्कत और हवा में चक्कर काटने के बाद, चौथी कोशिश में पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया। विमान के सुरक्षित लैंड होते ही प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। विमान से बाहर आने के बाद दोनों उपमुख्यमंत्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

जांच के घेरे में विमान की तकनीकी स्थिति इस घटना ने सरकारी विमानों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिक उड्डयन विभाग (Civil Aviation Department) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती तौर पर इसे खराब मौसम या हवा के दबाव (Wind Shear) का परिणाम माना जा रहा है, लेकिन विमान में किसी तकनीकी खराबी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। पायलट और एटीसी की रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत जांच की जाएगी।