अखिलेश यादव की बेटी की फोटो पर अभद्र टिप्पणी से भड़के सपाई, लखनऊ के हजरतगंज थाने में दी तहरीर, आंदोलन की दी चेतावनी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी सियासी और सामाजिक सनसनी सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी की तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर उन पर भ्रामक और बेहद अभद्र टिप्पणी की गई है। इस घटना के बाद से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सपा कार्यकर्ताओं के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ की प्रसिद्ध हजरतगंज कोतवाली पहुंचकर लिखित तहरीर दी है। सपाईयों ने पुलिस प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरी पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
सोशल मीडिया पर वायरल की गई फोटो, स्क्रीनशॉट्स के साथ पुलिस में शिकायत
यह पूरा मामला बुधवार को तब सामने आया जब फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विशेष अकाउंट से अखिलेश यादव की बेटी की तस्वीर के साथ बेहद आपत्तिजनक और भ्रामक बातें पोस्ट की गईं।
लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राज साहनी के नेतृत्व में सपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल हजरतगंज कोतवाली पहुंचा। राज साहनी ने बताया कि सोशल मीडिया पर की गई यह टिप्पणी न केवल एक परिवार की निजता पर हमला है, बल्कि इससे समाज का माहौल भी बिगड़ सकता है। सपा कार्यकर्ताओं ने वायरल पोस्ट से संबंधित सभी डिजिटल साक्ष्य, लिंक्स और सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट्स हजरतगंज पुलिस को सौंप दिए हैं।
'अगर कार्रवाई नहीं हुई तो सड़कों पर उतरकर करेंगे प्रदर्शन'
सपा नेताओं ने हजरतगंज के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपकर तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
कार्यकर्ताओं का आक्रोश: सपा कार्यकर्ता राम प्रकाश ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "हमारे सनातन धर्म में नारी को देवी का रूप माना गया है। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन किसी की बेटी पर ऐसी ओछी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
पुलिस का आश्वासन: इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि सपा की तहरीर के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है। जिस सोशल मीडिया हैंडल से यह पोस्ट की गई है, उसके आईपी एड्रेस और यूजर की जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में पुलिस की साइबर क्राइम सेल (Cyber Crime Cell) को भी अलर्ट पर रखकर जांच में शामिल किया गया है।
सपा मीडिया सेल का तीखा पलटवार: 'भविष्य की अदालत में सबका इंसाफ होगा'
इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी की ऑफिशियल मीडिया सेल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर एक बेहद कड़ा और लंबा पोस्ट साझा किया है। सपा ने इस कृत्य के पीछे सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ होने का आरोप लगाया है।
सपा मीडिया सेल का आधिकारिक बयान: "अखिलेश यादव और उनकी बेटी के बारे में भ्रामक, मनगढ़ंत और अभद्र टिप्पणियां लिखने वाले सभी सोशल मीडिया हैंडल्स को चिन्हित किया जा रहा है, इन सभी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार में राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी की घटना का पर्दाफाश किया है, इसी बौखलाहट में भाजपा द्वारा यह घिनौना कृत्य करवाया गया है।"
सपा ने आगे लिखा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है और इसका स्वागत है, लेकिन किसी के निजी जीवन और परिवार की महिलाओं पर टिप्पणी करने का राजनीति में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। पोस्ट में चेतावनी देते हुए कहा गया कि साल 2014 के बाद से जो यह नई और दूषित परंपरा डाली गई है, भविष्य में इसका दुष्परिणाम और सजा भाजपाइयों को ही भुगतनी पड़ेगी। समय हमेशा बदलता रहता है और कानून व भविष्य की अदालत में सबका इंसाफ तय है।