छोटे अपराध, बड़ा असर: यूपी डीजीपी का अधिकारियों को सख्त संदेश, AI और वैश्विक मॉडल से बदलेगी पुलिसिंग
India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रदेश में अपराधों की रोकथाम को लेकर बेहद स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि छोटे अपराधों को नजरअंदाज करने की पुरानी सोच अब बदलनी होगी। डीजीपी का मानना है कि ये मामूली लगने वाले अपराध, बड़े अपराधों की नींव बन सकते हैं।
पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डीजीपी ने 10 प्रमुख प्राथमिकताओं को साझा किया। इस दौरान उन्होंने न्यूयॉर्क पुलिस की ‘ब्रोकन विंडो थ्योरी’ का ज़िक्र किया—जिसके तहत अमेरिका में छोटे अपराधों पर भी गंभीरता से कार्रवाई की जाती है, जिससे बड़े अपराध रुकते हैं।
उन्होंने कहा कि "जीरो टॉलरेंस" केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक कार्यशैली होनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों से उन्होंने अपेक्षा जताई कि वे अपने काम को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। डीजीपी ने यह भी घोषणा की कि यूपी जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पुलिसिंग में लागू करने वाला पहला राज्य बन सकता है। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।
उन्होंने सभी जोन एडीजी, कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी को निर्देश दिए कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही प्रभावशाली पुलिसिंग तकनीकों को अपनाएं। हर जिले में टॉप 10 अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कहते हुए डीजीपी ने आगरा जोन में चलाए गए "ऑपरेशन पहचान" की सराहना की। उन्होंने कहा कि छेड़छाड़ जैसे मामलों को पूरी गंभीरता से लें और ऐसे आरोपियों का सॉफ्टवेयर की मदद से डेटाबेस बनाकर निगरानी और कार्रवाई की जाए। डीजीपी मुख्यालय स्तर से महिला अपराधों की रोकथाम के लिए जल्द ही एसओपी भी जारी की जाएगी।
जनसुनवाई व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सूचना का विश्लेषण कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह निर्देश भी दिए:
साइबर अपराध को पूरी गंभीरता से लें, और एक साल के भीतर यूपी पुलिस को इस क्षेत्र में देश की नंबर-1 फोर्स बनाएं।
पुलिस सेवाओं को और प्रभावशाली व जवाबदेह बनाया जाए।
ज़ोन स्तर के अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मियों की समस्याएं समझें और संकट में उनका साथ दें।
पुलिसकर्मियों की दक्षता की मैपिंग होगी:
डीजीपी ने बताया कि यूपी पुलिस दुनिया का सबसे बड़ा पुलिस बल है और हाल ही में भर्ती हुए 60,244 सिपाहियों में से कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पास करने योग्य क्षमता रखते हैं। ऐसे में जरूरी है कि उनकी योग्यता, क्षमता और दक्षता का सही मूल्यांकन कर उन्हें तैनात किया जाए।