Siri आखिरकार न्यूज़ में बेहतर हो रहा है, लेकिन इससे Apple को हो सकता है बड़ा खर्च; जानिए पूरी खबर
टेक्नोलॉजी दिग्गज एप्पल अपने यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। खबर सामने आ रही है कि एप्पल अपने आने वाले एडवांस्ड AI-पावर्ड Siri को लाइसेंस्ड न्यूज़ कंटेंट का सटीक एक्सेस देने के लिए देश-विदेश के बड़े न्यूज़ पब्लिशर्स के साथ बातचीत कर रहा है। इस संभावित डील के तहत करोड़ों रुपये के बजट का प्रावधान किया जा सकता है, जिसमें पब्लिशर्स को भुगतान इस आधार पर किया जाएगा कि उनकी रिपोर्टिंग का इस्तेमाल कितनी बार किया जाता है।
एप्पल न्यूज़ पार्टनरशिप पर कर सकता है बड़ा निवेश
यह पार्टनरशिप तकनीकी और वित्तीय रूप से काफी बड़ी होने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल कई प्रतिष्ठित पब्लिशर्स से इस बात पर चर्चा कर रहा है कि Siri का AI उनके आर्टिकल्स और रियल-टाइम अपडेट्स को आसानी से एक्सेस कर सके। इसके लिए एक भारी-भरकम यानी नौ अंकों के बजट पर विचार किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि जब भी Siri किसी पब्लिशर की रिपोर्टिंग से जानकारी निकालेगा, तो एप्पल उसके एवज में भुगतान करेगा। यह मॉडल कई अन्य AI लाइसेंसिंग डील्स से बिल्कुल अलग है, जहां अक्सर पब्लिशर्स को उनकी सामग्री का उचित लाभ नहीं मिल पाता है। हालांकि, अभी तक एप्पल की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस साल के आखिर में आ सकता है नया और पावरफुल Siri
एप्पल एक बेहद पावरफुल नए Siri को तैयार करने में जुटा है, जिसके इस साल के अंत तक बीटा वर्जन में लॉन्च होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बड़े अपग्रेड के बाद Siri यूजर के पर्सनल कॉन्टेक्स्ट को बेहतर ढंग से समझ पाएगा, डिवाइस पर स्क्रीन पर दिखने वाली चीजों को पहचान सकेगा और विभिन्न ऐप्स के बीच आसानी से काम कर पाएगा। रियल-टाइम खबरों का एक्सेस मिलने से Siri अब यूजर्स के 'अभी क्या हो रहा है?' जैसे सवालों के जवाब अधिक सटीकता और प्रामाणिकता के साथ दे पाएगा।
AI समरी की दिक्कतों के बाद एप्पल का बड़ा कदम
एप्पल के लिए मीडिया और खबरों का क्षेत्र नया नहीं है, क्योंकि कंपनी साल 2019 से सफल 'Apple News+' सब्सक्रिप्शन सर्विस चला रही है। हालांकि, इससे पहले एप्पल को AI और खबरों के मामले में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। कंपनी द्वारा लाई गई AI नोटिफ़िकेशन समरी कई बार न्यूज़ अलर्ट को गलत तरीके से पेश कर देती थी, जिसके बाद पब्लिशर्स के विरोध के चलते एप्पल को उस फीचर को रोकना पड़ा था। यही वजह है कि अब इन नई लाइसेंसिंग वार्ताओं के जरिए एप्पल यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसका AI पूरी तरह से ऑथराइज़्ड और भरोसेमंद कंटेंट पर ही आधारित हो।
पब्लिशर्स के लिए AI रेवेन्यू का नया जरिया
मीडिया पब्लिशर्स इस पहल को कमाई के एक नए और सुनहरे अवसर के रूप में देख रहे हैं। वर्तमान समय में जब लोग बुनियादी जानकारियों और ताजा अपडेट के लिए Siri जैसे AI असिस्टेंट्स पर तेजी से निर्भर हो रहे हैं, तब एप्पल का यह पे-पर-यूज़ प्रपोजल पब्लिशर्स को नई वित्तीय मजबूती दे सकता है। एप्पल के लिए यह कदम न केवल उसके AI को ज्यादा उपयोगी बनाएगा, बल्कि यूजर्स को भी एकदम सटीक और भरोसेमंद खबरें उपलब्ध कराएगा।