Shashi Tharoor's clarification on 'Veer Savarkar Award' : कहा—मेरी सहमति के बिना नाम घोषित करना गैर-जिम्मेदाराना

Post

India News Live,Digital Desk : कांग्रेस सांसद शशि थरूर को ‘वीर सावरकर अवॉर्ड’ के लिए चुने जाने की खबर सामने आते ही उन्होंने इस पर अपना पक्ष स्पष्ट किया। बुधवार को थरूर ने कहा कि अवॉर्ड की जानकारी उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए ही मिली और उन्होंने इस चयन पर ऐतराज़ भी जताया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा कि उन्हें इस पुरस्कार के बारे में मंगलवार को ही पता चला, जब वे केरल में स्थानीय स्व-शासन चुनावों में मतदान करने गए थे। उन्होंने बताया कि न तो उन्हें अवॉर्ड के बारे में पहले से सूचना दी गई थी और न ही उन्होंने इसे स्वीकार करने की सहमति दी थी।

थरूर ने कहा, “तिरुवनंतपुरम में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मैंने स्पष्ट किया था कि मुझे इस अवॉर्ड की घोषणा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मेरी अनुमति के बिना मेरा नाम घोषित करना आयोजकों की ओर से गैर-जिम्मेदाराना कदम है। इसके बावजूद, कुछ मीडिया संस्थान आज भी वही सवाल पूछ रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि पुरस्कार की प्रकृति, इसे देने वाले संगठन और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में समारोह में शामिल होना या पुरस्कार स्वीकार करना संभव ही नहीं है।

वीर सावरकर अवॉर्ड क्या है?

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025’ का आयोजन 10 दिसंबर को नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन हॉल में होना है। कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद रहेंगे।