'श्रीलंका के लिए सबसे बड़ा खतरा ऋषभ पंत', पूर्व ऑलराउंडर फरवीज महरूफ ने अपनी टीम को चेताया
भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से दो टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज होने जा रहा है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से भारतीय टीम के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐतिहासिक आंकड़ों में भले ही भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा हो, लेकिन श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर फरवीज महरूफ (Farveez Maharoof) ने अपनी राष्ट्रीय टीम को भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत से विशेष रूप से सावधान रहने की चेतावनी दी है। महरूफ का मानना है कि ऋषभ पंत श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण के लिए इस सीरीज में सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।
30 से 45 मिनट में मैच बदलने का माद्दा: महरूफ का बड़ा बयान
सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर फरवीज महरूफ ने ऋषभ पंत के 'एक्स-फैक्टर' की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर वे श्रीलंका के ड्रेसिंग रूम में होते तो उनकी सबसे बड़ी चिंता ऋषभ पंत को लेकर ही होती। महरूफ के अनुसार, पंत केवल 30 से 45 मिनट के भीतर पूरे मैच का रुख अपनी तरफ मोड़ने का अनूठा हुनर रखते हैं। वे अपने स्वाभाविक और आक्रामक अंदाज में खेलने के लिए जाने जाते हैं। भले ही अभ्यास मैच में पंत बड़ी पारी न खेल पाए हों, लेकिन उनकी अनorthodox और निडर बल्लेबाजी विपक्षी टीम की रणनीति को पलभर में ध्वस्त करने की क्षमता रखती है।
श्रीलंकाई स्पिनर्स और गॉल के मैदान पर चुनौती
महरूफ ने यह भी स्पष्ट किया कि श्रीलंका दौरे पर पंत और अन्य भारतीय बल्लेबाजों को श्रीलंकाई स्पिनर्स की कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। श्रीलंका टीम में बाएं हाथ के मुख्य स्पिनर प्रभात जयसूर्या, जिन्हें गॉल का विशेषज्ञ माना जाता है, भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुख्य चुनौती होंगे। इसके बावजूद, महरूफ ने कहा कि पंत स्पिनर्स के खिलाफ जिस आक्रामक रवैये से बाउंड्री हासिल करते हैं, वह श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाएगा। उन्होंने दोनों टीमों के बीच सीरीज के 1-1 से ड्रॉ रहने की संभावना जताई, लेकिन साथ ही माना कि अगर पंत क्रीज पर टिक गए तो श्रीलंका के लिए मैच बचाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
भारत का दबदबा और टेस्ट सीरीज का महत्व
भारत पिछले 11 सालों से श्रीलंका के खिलाफ एक भी टेस्ट मैच नहीं हारा है। दोनों देशों के बीच खेले गए कुल 46 टेस्ट मैचों में से भारत ने 22 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि श्रीलंका केवल 7 मैच ही जीत सका है। भारतीय टीम में रवींद्र जडेजा जैसे ऑलराउंडर की मौजूदगी टीम को और मजबूती प्रदान करती है। हालांकि, बुमराह की गैरमौजूदगी में भारतीय गेंदबाजों को भी गॉल की परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बैठाना होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि 15 अगस्त से शुरू हो रहे पहले गॉल टेस्ट में ऋषभ पंत फरवीज महरूफ की इस चेतावनी को मैदान पर कितना सच साबित कर दिखाते हैं।