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August 24 2026 01:46 pm

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT की पूछताछ में संदिग्धों के छूटे पसीने, मोबाइल गायब; चंपत राय के करीबियों पर भी गहराया शक

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अयोध्या के विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की हेराफेरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई अब बेहद कड़े दौर में पहुंच गई है। दान के पैसों की गिनती करने वाले चार मुख्य संदिग्ध कर्मचारियों और उनके परिजनों को जब एसआईटी ने आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की, तो उनके पास जांच टीम के तीखे सवालों का कोई माकूल जवाब नहीं था। इस हाई-प्रोफाइल जांच के बीच एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि संदिग्ध स्टाफ के मोबाइल फोन भी गायब पाए गए हैं, जिससे जांच एजेंसी का शक और गहरा गया है।

ग्रीन हाउस बना SIT का कमांड सेंटर, खंगाली जा रही बैंक डिटेल्स

लखनऊ मंडल के आयुक्त (कमिश्नर) के नेतृत्व में चल रही इस जांच के लिए राम मंदिर परिसर के उत्तरी हिस्से में स्थित 'ग्रीन हाउस' को एक अभेद्य कैंप कार्यालय में तब्दील कर दिया गया है।

तकनीकी टीम की तैनाती: एसआईटी की मदद के लिए डेढ़ दर्जन से अधिक टेक्निकल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स लगाए गए हैं।

प्रशासनिक सहयोग: एडीएम, मंदिर मजिस्ट्रेट और यूपी पुलिस के आला अधिकारियों को मौके पर तैनात रखा गया है।

संपत्ति की जांच: एसआईटी ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से उन सभी कर्मचारियों की सूची, स्थाई पता और पहचान पत्र मांगे हैं जो नोटों की गिनती में शामिल थे, ताकि चोरी की रकम से बनाई गई बेनामी संपत्तियों और उनके बैंक खातों का मिलान किया जा सके।

चंपत राय के करीबियों पर नजर, 'ऑटो' से करोड़ों की संपत्ति बनाने का दावा!

चढ़ावा चोरी के इस बड़े मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के सबसे रसूखदार चेहरों— महासचिव चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा पर सीधे तौर पर उंगलियां उठ रही हैं। इसी बीच, चंपत राय के बेहद करीबी माने जाने वाले टुन्नु यादव पर अपार अवैध संपत्ति जुटाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों पर सफाई देते हुए टुन्नु यादव ने एक वीडियो बयान जारी कर अजीबोगरीब दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनकी यह संपत्ति मंदिर निर्माण से बहुत पुरानी है, जिसे उन्होंने कभी ऑटो (Three-Wheeler) चलाकर कमाया था और बाद में उसी के किराए से आगे की संपत्ति बनाई।

'उंगली अब सरकार तक पहुंच गई है' — बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान

इस पूरे विवाद पर भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बुधवार को आए बयान ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। बृजभूषण सिंह ने साफ शब्दों में कहा, "यह मामला अब सिर्फ मंदिर ट्रस्ट के भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं रह गया है, इसकी आंच अब सीधे प्रदेश की योगी और केंद्र की मोदी सरकार तक पहुंच रही है।" उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े जमीनी नेता और संत अगर सवाल उठा रहे हैं, तो बिना आग के धुआं नहीं उठता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकसभा चुनाव में अयोध्या में भाजपा की हार की मुख्य वजह भी यही सब कारनामे हैं। हालांकि, उन्होंने राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा को इस पूरे घटनाक्रम में निर्दोष बताते हुए क्लीन चिट दी है।