राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह का लखनऊ पुलिस पर गंभीर आरोप: 'जो बयान दिया नहीं, वो केस डायरी में कैसे आया?'
कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच चल रहा पारिवारिक और कानूनी विवाद अब पुलिस जांच प्रणाली की कार्यशैली पर आ टिका है। भानवी सिंह ने लखनऊ पुलिस और हजरतगंज कोतवाली के तत्कालीन एसएचओ विक्रम सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। भानवी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठाया है कि जो बयान उन्होंने अपने जीवन में कभी दिया ही नहीं, उसे पुलिस ने केस डायरी और चार्जशीट का हिस्सा कैसे बना दिया? उन्होंने इसे प्रभावशाली व्यक्तियों को फायदा पहुंचाने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की एक सोची-समझी आपराधिक साजिश करार दिया है।
16 मार्च 2025 की केस डायरी में दर्ज कथित बयान पर बवाल
भानवी सिंह के अनुसार, 16 मार्च 2025 की केस डायरी और पुलिस रिकॉर्ड में उनके नाम से एक मनगढ़ंत बयान दर्ज किया गया था। इस कथित बयान में दर्शाया गया कि भानवी सिंह ने अपने पति राजा भैया और अपनी बहन साध्वी सिंह के कथित संबंधों को लेकर किसी पत्रकार को जानकारी देने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की बात पुलिस के सामने कही थी।
भानवी सिंह ने इस बयान का पूरी तरह खंडन करते हुए कहा:
"मैंने पुलिस या किसी अधिकारी के सामने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया। मेरे नाम से केस डायरी और चार्जशीट में दर्ज यह बयान पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा है। अगर मैंने वाकई ऐसा बयान दिया था, तो पुलिस मेरे हस्ताक्षरयुक्त बयान, मूल ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग या कोई अन्य स्वतंत्र और पुख्ता साक्ष्य सार्वजनिक करे।"
'बयान देने नहीं, बेटी के मामले में दस्तावेज जमा करने गई थी थाने'
भानवी सिंह ने अपनी सफाई में बताया कि 16 मार्च 2025 को वह हजरतगंज थाने किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस या बयानबाजी के सिलसिले में नहीं गई थीं। उनका कहना है कि वह अपने खिलाफ दर्ज एक अन्य मामले में अतिरिक्त लिखित जवाब और जरूरी कागजात जमा करने के लिए अपने स्टाफ के साथ वहां पहुंची थीं, जिसमें उनकी बेटी को भी पक्षकार बनाया गया था। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन एसएचओ विक्रम सिंह के कार्यालय में दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें जो आधिकारिक रिसीविंग मिली थी, उसकी मूल प्रति आज भी उनके पास सुरक्षित है। ऐसे में कानूनी दस्तावेज जमा करने जाने की प्रक्रिया को फर्जी बयान में बदल देना पुलिसिया कदाचार का खुला उदाहरण है।
CCTV फुटेज सुरक्षित करने और स्वतंत्र जांच की मांग
भानवी सिंह ने शासन और पुलिस के आला अधिकारियों से मांग की है कि 16 मार्च 2025 की हजरतगंज कोतवाली की सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किया जाए और उसकी फोरेंसिक जांच कराई जाए ताकि उस दिन की उनकी गतिविधियों की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया और पुलिस रिकॉर्ड का इस तरह दुरुपयोग करना न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि यह आम नागरिकों के पुलिस प्रणाली पर भरोसे को भी चोट पहुंचाता है। भानवी सिंह ने इस पूरे प्रकरण में शामिल तत्कालीन एसएचओ और अन्य जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय व आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।