'खटमल फिर चारों ओर फैल गए, अलर्ट रहें': मुंबई में CJP प्रोटेस्ट के बीच बोले शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर अपने बयानों से राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चुनाव आयोग और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ किए गए हालिया विरोध प्रदर्शन के बीच शुभेंदु अधिकारी ने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए उन्हें 'खटमल' करार दिया है। उन्होंने जनता से ऐसे तत्वों के खिलाफ पूरी तरह सतर्क और एकजुट रहने का आह्वान किया।
कोलकाता में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्मशती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी प्रकार की विघटनकारी या राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
'खटमल फिर दिखाई देने लगे हैं, एकजुट होना होगा': शुभेंदु अधिकारी
सभा को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा:
"बहुत से खटमल फिर से चारों तरफ दिखाई देने लगे हैं। हमें सतर्क और एकजुट रहना होगा।"
उन्होंने कहा कि देश के भीतर सक्रिय छिपी हुई और विघटनकारी ताकतों के खिलाफ समाज को लामबंद होना होगा।
अधिकारी ने कहा कि भगवा (गेरुआ) और सनातन संस्कृति के महत्व पर किसी भी तरह का प्रहार नहीं होने दिया जाएगा।
किस संदर्भ में आया यह बयान? CJP का मुंबई में प्रदर्शन
शुभेंदु अधिकारी का यह तंज 2 अक्टूबर को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद आया है:
SIR प्रक्रिया पर विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कई विपक्षी संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोला था।
10 अक्टूबर को दिल्ली मार्च का ऐलान: प्रदर्शनकारियों ने आने वाले दिनों में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी इस मुद्दे पर बड़ा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
जादवपुर यूनिवर्सिटी और 'आजादी' नारों पर कड़ा रुख
कार्यक्रम के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कैंपस की राजनीति पर भी सख्त टिप्पणी की:
राष्ट्रवादी युवाओं की सराहना: उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय में जब 'आजादी' के विभाजनकारी नारे लगाए गए, तो राष्ट्रवादी सोच वाले युवाओं के एक समूह ने उनके खिलाफ सीना तानकर प्रदर्शन किया।
जड़ से उखाड़ने की चेतावनी: मुख्यमंत्री ने दो-टूक कहा, "देश के भीतर रहकर राष्ट्रविरोधी एजेंडा चलाने वाली इन ताकतों को हमें पूरी तरह जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।"
शुभेंदु अधिकारी के इस तीखे बयान के बाद विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारी संगठनों ने उन पर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रियाओं और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने वालों को आईना दिखाना जरूरी था।