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May 04 2026 04:23 pm

संदीप पाठक के दिल्ली आवास पर पंजाब पुलिस की दबिश: पिछले दरवाजे से निकले सांसद, वीडियो वायरल; 'गद्दारी' के आरोपों पर दिया जवाब

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India News Live,Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व रणनीतिकार और वर्तमान भाजपा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शनिवार को पंजाब पुलिस की एक टीम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर पहुंची। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने पर संदीप पाठक अपने घर के पिछले दरवाजे से बाहर निकल गए।

क्या है पूरा मामला?

संदीप पाठक उन 7 राज्यसभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने 24 अप्रैल को 'आप' छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। उनके पाला बदलने के कुछ ही दिनों भीतर पंजाब सरकार ने उनके खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है:

दो FIR दर्ज: सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।

पुलिस की कार्रवाई: दिल्ली पुलिस को बिना सूचित किए पंजाब पुलिस की टीम उनके आवास पर पहुंची, लेकिन पाठक वहां नहीं मिले। वायरल वीडियो में उन्हें आनन-फानन में घर छोड़ते हुए देखा गया है।

संदीप पाठक का पलटवार: "वे डरे हुए हैं"

गिरफ्तारी की खबरों और एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप पाठक ने कहा कि उन्हें इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा:

"मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी से देश की सेवा की है। देश किसी भी पार्टी से बड़ा है। अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जा रही है, तो यह साफ दिखाता है कि वे (AAP सरकार) कितने डरे हुए हैं। मैं न तो देश को धोखा दूंगा और न ही किसी को देने दूंगा।"

AAP का बिखराव: 10 में से 7 सांसद अब भाजपा के साथ

24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी को तब बड़ा झटका लगा था जब उसके 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ दी थी। इनमें शामिल हैं:

संदीप पाठक

राघव चड्ढा

स्वाति मालीवाल

हरभजन सिंह

अशोक मित्तल

राजिन्दर गुप्ता

विक्रमजीत साहनी

इन सांसदों ने आरोप लगाया था कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और आदर्शों से पूरी तरह भटक चुकी है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने इन सभी के भाजपा में विलय को मान्यता दे दी है, जिससे उच्च सदन में 'आप' की संख्या घटकर मात्र 3 रह गई है।

राजनीतिक बदले की भावना या कानूनी कार्रवाई?

भाजपा ने इसे पंजाब सरकार की 'बदले की राजनीति' करार दिया है। पार्टी का कहना है कि जैसे ही इन नेताओं ने भाजपा जॉइन की, उन पर पुराने मामलों में एफआईआर दर्ज कर दी गई। वहीं, 'आप' समर्थकों का कहना है कि यह भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के मामलों में कानून सम्मत कार्रवाई है।

फिलहाल, संदीप पाठक की तलाश में पंजाब पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख करते हैं।