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August 02 2026 10:07 pm

Parliament in turmoil: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, बजट सत्र के दूसरे चरण में आर-पार की जंग

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India News Live,Digital Desk : संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज यानी सोमवार, 9 मार्च 2026 से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत ही बेहद हंगामेदार रही क्योंकि विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) पेश किया है। विपक्ष ने स्पीकर पर 'पक्षपातपूर्ण' रवैया अपनाने और सदन में विपक्ष की आवाज को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है।

क्यों लाया गया अविश्वास प्रस्ताव? विपक्ष के 3 मुख्य आरोप

कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्षी सांसदों (मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि) द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव में निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:

पक्षपात का आरोप: विपक्ष का कहना है कि स्पीकर सत्ता पक्ष के इशारे पर काम कर रहे हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दे रहे।

नेताओं की आवाज दबाना: आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के भाषणों को बीच में रोका गया या उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई।

निलंबन की कार्रवाई: पहले चरण में 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन को भी विपक्ष ने 'अलोकतांत्रिक' करार दिया है।

संवैधानिक प्रक्रिया: अब आगे क्या होगा?

नियमों के मुताबिक, जब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है, तो प्रक्रिया इस प्रकार होती है:

कुर्सी से दूरी: चर्चा के दौरान ओम बिरला खुद सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे। वे एक सामान्य सदस्य की तरह सदन में बैठेंगे और अपना पक्ष रख सकेंगे।

अध्यक्षता कौन करेगा? चूंकि वर्तमान लोकसभा में उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) का पद खाली है, इसलिए सभापतियों के पैनल (Panel of Chairpersons) में से कोई वरिष्ठ सदस्य (संभवतः जगदंबिका पाल) कार्यवाही का संचालन करेंगे।

50 सदस्यों का समर्थन: प्रस्ताव को चर्चा के लिए स्वीकार किए जाने हेतु कम से कम 50 सांसदों का सदन में खड़ा होकर समर्थन करना अनिवार्य है।

ममता बनर्जी का यू-टर्न: TMC भी साथ आई

शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से कतरा रही थी, लेकिन अब ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके सांसद अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान के आरोपों को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच जारी तकरार ने इस फैसले में बड़ी भूमिका निभाई है।

सरकार की तैयारी: 'तीन लाइन का व्हिप' जारी

सत्ता पक्ष ने विपक्ष के इस कदम को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओम बिरला का बचाव करते हुए उन्हें संविधान के प्रति समर्पित और धैर्यवान बताया। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों के लिए 'थ्री-लाइन व्हिप' जारी किया है, जिससे यह साफ है कि सदन में नंबर गेम को लेकर कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। हालांकि, संख्या बल के आधार पर एनडीए (NDA) का पलड़ा भारी है और प्रस्ताव के गिरने की पूरी संभावना है।