77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर चमकेगी भारत की सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस से सूर्यास्त्र तक होगी झलक
India News Live,Digital Desk :राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में भारत अपनी सैन्य ताकत, स्वदेशी तकनीक और सांस्कृतिक विविधता का भव्य प्रदर्शन करेगा। इस वर्ष परेड का मुख्य विषय 'वंदे मातरम के 150 वर्ष' के उत्सव के रूप में रखा गया है।
परेड की मुख्य विशेषताएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समारोह की अध्यक्षता करेंगी। परेड सुबह 10:30 बजे शुरू होकर लगभग 90 मिनट तक चलेगी। पहली बार भारतीय सेना फेज्ड बैटल ऐरे फॉर्मेशन में अपनी प्रमुख इकाइयों और हथियार प्रणालियों को प्रदर्शित करेगी, जिसमें जमीनी, हवाई और मिश्रित तत्व शामिल हैं।
स्वदेशी हथियारों और प्रणालियों का प्रदर्शन
इस परेड में कई नई और आधुनिक रक्षा प्रणालियों की झलक मिलेगी:
ब्रहमोस क्रूज मिसाइल
आकाश मिसाइल सिस्टम
मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM)
एडवांस्ड टोइड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS)
धनुष तोप और दिव्यास्त्र बैटरी
विशेष आकर्षण: यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम 'सूर्यास्त्र' पहली बार प्रदर्शित होगा, जो 300 किमी तक सरफेस-टू-सरफेस हमला करने में सक्षम है। साथ ही अर्जुन और टी-90 भीष्म टैंक भारतीय सेना की बख्तरबंद क्षमता को प्रदर्शित करेंगे।
नई इकाइयों और विशेष बलों का सम्मान
भैरवी लाइट कमांडो बटालियन और शक्तिबान रेजिमेंट परेड में पहली बार शामिल होंगी।
61 कैवलरी के सवार अब पारंपरिक वर्दी के बजाय बैटल गियर में नजर आएंगे।
जांस्कर पोनी और बैक्ट्रियन ऊंट पहली बार परेड का हिस्सा होंगे।
हवाई शक्ति का शानदार प्रदर्शन
ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और सशस्त्र संस्करण रुद्र 'प्रहार' फॉर्मेशन में
अपाचे AH-64E और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर युद्धक्षेत्र समर्थन प्रदर्शित करेंगे
ऑपरेशन सिंदूर झांकी
परेड का आकर्षक हिस्सा ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित झांकी होगी। इसमें ब्रह्मोस, आकाश, एस-400 जैसे हथियारों के मॉडल और इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर शामिल होंगे। यह झांकी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के प्रति निर्णायक प्रतिक्रिया और सैन्य आधुनिकीकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।
सांस्कृतिक और मानविक प्रस्तुति
लगभग 6,000 रक्षा कर्मी परेड में शामिल होंगे।
यह परेड आत्मनिर्भर भारत, सैन्य शक्ति और 'वंदे मातरम' के 150 वर्षों के उत्सव का जीवंत चित्रण करेगी।