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August 22 2026 10:50 pm

ENG vs PAK: 'इतनी डरी-सहमी पाकिस्तानी टीम कभी नहीं देखी', लीड्स में पारी की शर्मनाक हार के बाद माइकल वॉन और रमीज राजा ने लगाई क्लास

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इंग्लैंड दौरे पर पहुंची पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मुकाबले में बेहद शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने एकतरफा खेल दिखाते हुए पाकिस्तान को पारी और 103 रनों के भारी अंतर से रौंद दिया। मैच के तीसरे दिन ही पाकिस्तानी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम दूसरी पारी में महज 135 रनों पर ढेर हो गई। टेस्ट क्रिकेट में किसी एशियाई टीम का इंग्लैंड की धरती पर इस कदर आत्मसमर्पण करना खेल प्रेमियों और क्रिकेट पंडितों को कतई रास नहीं आ रहा है।

मैच खत्म होने के बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने पाकिस्तानी टीम के रवैये पर कड़ा प्रहार किया और उनके दृष्टिकोण को पूरी तरह दिशाहीन और डरपोक करार दिया।

माइकल वॉन का तीखा हमला: 'इतिहास की सबसे डरी-सहमी टीम'

इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज कप्तान माइकल वॉन ने BBC के टेस्ट मैच स्पेशल कार्यक्रम में बातचीत करते हुए पाकिस्तान के खेल के स्तर की जमकर आलोचना की। वॉन ने बेबाकी से कहा कि उन्होंने अपने पूरे खेल और कमेंट्री करियर के दौरान पाकिस्तान की ऐसी बेबस और डरी हुई टीम कभी मैदान पर नहीं देखी।

वॉन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इंग्लैंड ने पाकिस्तान को खेल के हर विभाग में बुरी तरह पछाड़ा है। पाकिस्तानी टीम मैदान पर बिल्कुल असहाय नजर आ रही थी। टीम की रणनीति में कोई धार नहीं थी और दोनों देशों के खेल स्तर व कौशल में जमीन-आसमान का फर्क साफ दिख रहा था। वॉन ने आगे कहा कि पाकिस्तान को इस हालत में देखना बेहद निराशाजनक है क्योंकि एक दौर था जब पाकिस्तान की पहचान उनकी आक्रामकता और मैदान पर फाइटिंग स्पिरिट के लिए होती थी। मौजूदा टीम में वह जज्बा और लड़ने की भूख पूरी तरह नदारद दिखी।

मैच का लेखा-जोखा: तीन दिन में दो बार ऑलआउट हुआ पाकिस्तान

लीड्स की तेज और उछाल भरी पिच पर टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम पहली पारी में सिर्फ 171 रन बनाकर सिमट गई थी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन और जोश टंग ने अपनी धारदार स्विंग से पाकिस्तानी टॉप ऑर्डर को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक दोनों पारियों में बिना खाता खोले पवेलियन लौटे, जिसने टीम की शुरुआत को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

इसके जवाब में इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया और 409 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर 238 रनों की मजबूत बढ़त हासिल की। इंग्लैंड की तरफ से मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अनुशासित खेल दिखाया।

जब पाकिस्तान से दूसरी पारी में संभलकर खेलने और फाइटबैक की उम्मीद थी, तब बल्लेबाजों ने और भी खराब प्रदर्शन किया। पूरी टीम महज 37.3 ओवर में 135 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। मोहम्मद रिजवान (41 रन) और अब्दुल्ला शफीक को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिकने का साहस नहीं दिखा सका।

रमीज राजा की दो टूक: 'फैन्स का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है'

माइकल वॉन के अलावा पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और कमेंटेटर रमीज राजा ने भी अपनी ही टीम को आड़े हाथों लिया। रमीज राजा ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत उसके प्रशंसक रहे हैं, लेकिन लगातार इस तरह के लचर और गैर-जिम्मेदाराना प्रदर्शन से फैंस का भरोसा टूट रहा है।

रमीज ने कहा कि यदि टीम बिना लड़े ही घुटने टेक देगी तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान का सम्मान कैसे बचेगा। उन्होंने बल्लेबाजों के फुटवर्क और शॉर्ट-पिच गेंदों के खिलाफ उनकी तकनीकी खामियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंग्लैंड की स्विंग और सीम कंडीशन में बल्लेबाजी के लिए जो धैर्य और क्लास चाहिए, वह इस टीम में कहीं नजर नहीं आ रहा है।

रणनीति और कप्तानी में दिखा भारी अनुभवहीनता का असर

नियमित कप्तान बाबर आजम उंगली की चोट के कारण इस पहले टेस्ट मुकाबले से बाहर थे। उनकी गैरमौजूदगी में ऑलराउंडर सलमान अली आगा को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सलमान की कप्तानी में न तो कोई आक्रामक फील्ड प्लेसमेंट दिखा और न ही गेंदबाजी में कोई धार नजर आई।

गेंदबाजी के दौरान पाकिस्तानी पेस अटैक इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में पूरी तरह नाकाम रहा। घरेलू मैदानों पर स्पिन की मददगार पिचों पर निर्भर रहने की पाकिस्तान की हालिया आदत ने विदेशी परिस्थितियों में उनकी पोल खोलकर रख दी है। टीम के मुख्य तेज गेंदबाज सही लाइन और लेंथ बनाए रखने के लिए संघर्ष करते दिखे, जिससे इंग्लिश बल्लेबाजों ने आसानी से रन बटोरे।

तेज गेंदबाजी की गौरवशाली विरासत से भटकता पाकिस्तान

इमरान खान, वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब अख्तर जैसे दिग्गज तेज गेंदबाजों की विरासत वाले पाकिस्तान का ऐसा पतन चिंताजनक है। एक दौर था जब पाकिस्तानी तेज गेंदबाज विदेशी दौरों पर विपक्षी खेमे में दहशत पैदा कर देते थे। लीड्स में हालात इसके उलट रहे; इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को अपनी गति और उछाल से डराए रखा।

आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में आक्रामकता और सटीक रणनीति के बिना किसी भी विदेशी दौरे पर जीत हासिल करना नामुमकिन है। पाकिस्तान का यह डरपोक रवैया न केवल उनके बल्लेबाजों के रक्षात्मक माइंडसेट में दिखा, बल्कि गेंदबाजों के ढीले स्पेल में भी साफ झलका।

लॉर्ड्स टेस्ट में वापसी की कड़ी चुनौती

तीन मैचों की इस टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने अब 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जाना है।

पाकिस्तान के पास अपनी गलतियों को सुधारने और टीम के मनोबल को वापस पाने के लिए बेहद कम समय बचा है। अगर पाकिस्तान को सीरीज में वापसी करनी है, तो उन्हें रक्षात्मक रवैया छोड़कर आक्रामक सोच के साथ मैदान पर उतरना होगा। लॉर्ड्स के ढलान वाले मैदान पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों का सामना करना पाकिस्तानी बल्लेबाजों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।