BREAKING:
August 05 2026 08:44 pm

चीन निर्मित 250 खतरनाक तोपों की तैनाती पर MEA की दो टूक, ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाकर इस्लामाबाद को दी सीधी चेतावनी

Post

भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक बार फिर सामरिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान की ओर से अपनी पूर्वी सीमा के पास चीन में बने आधुनिक हथियारों और तोपों की भारी खेप तैनात किए जाने की खुफिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद नई दिल्ली ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर से अपनी स्पष्ट और दो टूक नीति दोहराते हुए इस्लामाबाद को यह साफ कर दिया है कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी षड्यंत्र का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। भारत की तरफ से यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान लगातार अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने की आड़ में क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान की हिमाकत और चीनी SH-15 तोपों की तैनाती का सच

हाल ही में सामने आई सामरिक रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने भारत से सटी अपनी पश्चिमी और पूर्वी सीमाओं के संवेदनशील सेक्टरों में लगभग 250 चीन निर्मित SH-15 व्हील्ड सेल्फ-प्रोपेल होवित्जर तोपों की बड़ी खेप तैनात कर दी है। पाकिस्तान के इस सैन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत यह तैनाती मुख्य रूप से सियालकोट, गुजरांवाला, जलालपुर जट्टान और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील शकरगढ़ बल्ज (Shakargarh Bulge) के आसपास की गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान द्वारा अपनी तोपखाने की ताकत को मजबूत करने के सबसे बड़े सैन्य अभियानों में से एक है। पाकिस्तान ने चीन की सरकारी रक्षा निर्माण कंपनी नोरिनको से इन हथियारों का सौदा किया था और अब इन्हें सीधे भारतीय सीमाओं के मुहाने पर खड़ा कर दिया है, जिसका मकसद रणनीतिक दबाव बनाना है।

'ऑपरेशन सिंदूर' की याद दिलाकर भारत का सख्त संदेश

पाकिस्तान की इस हरकत पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान बेहद कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जो भी जरूरी कदम होगा, वह उठाया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस दौरान मई 2025 में चलाए गए ऐतिहासिक 'ऑपरेशन सिंदूर' की याद दिलाकर पाकिस्तान को आगाह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने जिस तरह से पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया था, उससे साफ है कि भारत जरूरत पड़ने पर किसी भी हद तक जा सकता है। भारत का यह रुख पूरी तरह स्पष्ट है कि सीमा पार से चलने वाला आतंकवाद अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

क्या है SH-15 होवित्जर तोप की ताकत और इसकी रेंज?

पाकिस्तान द्वारा सीमा पर तैनात की गई चीन की यह SH-15 तोप तकनीकी रूप से काफी उन्नत मानी जाती है। यह चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली PCL-181 व्हील्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर का निर्यात संस्करण (Export Version) है, जिसे चीनी कंपनी नोरिनको ने तैयार किया है। इसे 6x6 आर्मर्ड ट्रक चेसिस पर फिट किया गया है, जिससे यह सड़क मार्ग पर 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है और दुर्गम इलाकों में तुरंत अपनी जगह बदल सकती है। यह 155mm/52-कैलिबर का आर्टिलरी प्लेटफॉर्म मानक नाटो-संगत गोला-बारूद के जरिए 35 से 40 किलोमीटर की दूरी तक सटीक निशाना लगा सकता है। इसके अलावा, यदि इसमें रॉकेट-असिस्टेड V-LAP प्रोजेक्टाइल का इस्तेमाल किया जाए, तो इसकी मारक क्षमता बढ़कर 53 से 72 किलोमीटर तक हो जाती है, जो इसे लंबी दूरी के हमलों के लिए खतरनाक बनाती है।

PoK के चुनावों और मानवाधिकार हनन पर भी भारत का कड़ा प्रहार

केवल सैन्य तैनाती ही नहीं, बल्कि विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हाल ही में संपन्न हुए तथाकथित चुनावों को लेकर भी इस्लामाबाद की जमकर आलोचना की है। भारत ने इन चुनावों को पूरी तरह से एक 'खोखला दिखावा' करार दिया है। नई दिल्ली का कहना है कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर जनता के बढ़ते आक्रोश और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे ड्रामे कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में पीओके के भीतर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की क्रूर कार्रवाई और अंधाधुंध गोलीबारी में दर्जनों बेकसूर नागरिकों की जान जा चुकी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे पाकिस्तान की इन दमनकारी नीतियों और झूठी लोकतांत्रिक कवायदों का संज्ञान लें तथा इस्लामाबाद को मानवाधिकार हनन के लिए जवाबदेह ठहराएं।

आतंकवाद के खात्मे पर भारत का रुख और वैश्विक अपील

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब मीडिया ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों और उनके सरगनाओं के खात्मे से जुड़े वायरल वीडियो या दावों पर सवाल पूछा, तो भारत ने अपनी आतंकवाद विरोधी नीति को फिर दोहराया। भारत का मानना है कि आतंकवाद क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए कैंसर की तरह है। भारत ने दुनिया के तमाम देशों से यह आह्वान किया है कि वे सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ एकजुट होकर कड़े कदम उठाएं। पाकिस्तान की सरजमीं पर पल रहे आतंकी बुनियादी ढांचे को जब तक पूरी तरह से नेस्तनाबूद नहीं किया जाता, तब तक दक्षिण एशिया में स्थाई शांति स्थापित होना संभव नहीं है। भारत ने यह भी साफ कर दिया कि आतंकी गतिविधियों के खिलाफ भारतीय एजेंसियों की सतर्कता और कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

भारत का स्वदेशी आधुनिकीकरण और सेना की अचूक चौकसी

पाकिस्तान की इस नई सैन्य तैनाती के जवाब में भारतीय सेना भी हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठी है। भारत अपने 'फील्ड आर्टिलरी रेशनलाइजेशन प्लान' के तहत अपनी तोपखाने की ताकत को लगातार आधुनिक बना रहा है। भारतीय सेना के बेड़े में एम-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर, के-9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड गन और स्वदेशी धनुष तोपें पहले ही शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा, देश में ही निर्मित 307 एडवांस्ड टॉड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) के बड़े ऑर्डर दिए जा चुके हैं और व्हील्ड माउंटेड गन सिस्टम (MGS) पर भी तेजी से काम चल रहा है। भारतीय रक्षा अनुसंधान और उत्पादन की यह स्वदेशी क्षमताएं किसी भी मोर्चे पर दुश्मन के नापाक मंसूबों को धूल चटाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।